Kulbhushan case Pakistan big stake: कुलभूषण जाधव केस में अन्तरराष्ट्रीय कोर्ट से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा था! कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी और फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा था! इसी के साथ कोर्ट ने एक और बड़ा आदेश दिया था! इसके तहत जाधव को इस बार राजनयिक पहुंच भी मुहैया करवाने के आदेश दिए गए थे! इस आदेश पर पाकिस्तान पहले तो राजी हो गया था लेकिन अब उसने बड़ी पलटी मार ली है! पाक ने राजनयिक पहुंच के लिए भारत के सामने दो बड़ी शर्त रख दी हैं!
वियना संधि के तहत देनी होती है राजनयिक पहुंच
कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान हमेशा से दावा करता रहा है कि उनको पाक के बलूचिस्तान इलाके से जासूसी करते हुए पकड़ा गया था! वहीं भारत का कहना है कि वो ईरान में थे जहां से पाक ने उनको अगवा किया!
जाधव इस समय पाक जेल में है लेकिन उनको वियना संधि के तहत काउंसिल एक्सेस यानि राजनयिक पहुंच देनी अनिवार्य है! इसके तहत किसी विदेशी नागरिक को कोई देश अपनी सीमा के भीतर गिरफ्तार करता है तो संबंधित देश के दूतावास को बिना किसी देरी के फौरन इसकी सूचना देनी पड़ेगी!
पाकिस्तान ने मारी पलटी, अब रखीं ये दो बड़ी शर्त
कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान राजनयिक पहुंच देने के लिए तैयार हो गया था लेकिन ऐन मौके पर उसने पलटी मार ली और भारत के सामने दो बड़ी शर्त रख दी हैं! पाकिस्तान ने पहली शर्त रखी है कि काउंसिल एक्सेस के समय वहां पाकिस्तान का एक अफसर भी मौजूद रहेगा! इसकी वजह जाधव पर दबाव बनाना है!
वहीं दूसरी शर्त के मुताबिक पूरी प्रक्रिया के दौरान उस जगह पर सीसीटीवी कैमरा लगा रहेगा! दोनों शर्तों से पाक ने भारत को सूचित कर दिया है और अब भारत के जवाब का इंतजार कर रहा है!