झांसी की रानी से मिलती थी इनकी शक्ल, इतनी दर्दनाक मिली थी मौत

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झांसी. टीवी शो ‘पवित्र रिश्ता’ से पॉपुलर हुईं एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे ‘मणिकर्णिका: द क्वीन्स ऑफ झांसी’  फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं। वो रानी झांसी की तरह दिखने वाली वीरांगना झलकारी बाई का रोल निभा रही हैं। फिल्म की शूट‍िंग शुरू हो चुकी है। वहीं, रानी झांसी का रोल एक्ट्रेस कंगना रनौत कर रहीं हैं। 19 नवंबर को रानी लक्ष्मी बाई की बर्थ एनिवर्सिरी है। इस मौके पर Jagruk Indian आपको रानी की हमशक्ल झलकारी बाई के बारे में बताने जा रहा है।

रानी लक्ष्मी बाई से ऐसे हुई थी झलकारी की पहली मुलाकात

– इतिहासकार जानकी शरण वर्मा बताते हैं, महारानी लक्ष्मीबाई की विश्वासपात्र सिपाही झलकारीबाई का जन्म भोजला गांव (झांसी) में 22 नवंबर 1830 को हुआ था। इनके पिता मराठाओं के सैनिक थे, इसीलिए इन्हें बचपन से ही हथियारों के साथ खेलना पसंद था।

– एक बार झलकारी के गांव में डाकुओं ने हमला कर दिया। उन्होंने गांववालों के साथ मिलकर हमलावरों को ऐसा खदेड़ा कि उनके बहादुरी के चर्चे महल तक पहुंच गए।

– इसके बाद झलकारी की शादी एक सैनिक के साथ हो गई। एक बार मंदिर में झलकारी, रानी लक्ष्मीबाई को बधाई देने गई, तो रानी उन्हें देख हैरान रह गईं, क्योंकि झलकारी की शक्ल रानी से मिलती थी। इसके बाद दोनों में गहरी दोस्ती हो गई।

तोप के मुंह में झलकारी बाई को बांधकर अंग्रेजों ने उड़वा दिया था

– 1857 में अंग्रेजों ने झांसी किले पर हमला कर दिया। रानी का एक सेनानायक गद्दार निकला, उसकी मदद से अंग्रेज किले तक पहुंचने में कामयाब हो गए।

– जब रानी चारों तरफ से घिर गईं, तो झलकारी ने उनसे कहा – आप जाइए, मैं आपकी जगह लड़ती हूं। रानी किले सेनिकल गईं और झलकारी उनके वेश में लड़ती रहीं।

– इसी बीच अंग्रेज सरकार के मुखबिर ने जनरल रोज को पूरा रहस्य बताया और झलकारी पकड़ी गईं। रोज ने झलकारी से कहा- तूं पागल है, अगर ऐसे पागल लोग हो जाएं तो हिंदुस्तान में हमारा रहना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद, अंग्रेजों ने  झलकारीबाई को तोप के मुंह में बांधकर उड़ा दिया।

राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्ता ने झलकारी बाई के बारे में ये लिखा था…

जाकर रण में ललकारी थी,

वह तो झांसी की झलकारी थी,

गोरों से लड़ना सिखा गई,

है इतिहास में झलक रही,

वह भारत की ही नारी थी।