रिक्शेवाले ने सुसाइड करने से बचाया था लड़की को, 8 साल बाद कुछ यूं चुकाया जिंदगी बचाने का एहसान।

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नई दिल्ली, 21 अगस्त :कुछ लोग कहते हैं कि कितने भी अच्‍छे काम करो, लेकिन जिंदगी में जो मिलना होता है वहीं मिलता है। लेकिन, रिक्‍शा चलाने वाले इस शख्स की इमोशनल स्‍टोरी सुनकर आप भी कहेंगे कि अच्‍छा काम कभी बेकार नहीं जाता। जिंदगी कब हमें कौन सा खूबसूरत उपहार दे दे, हम नहीं जान सकते। बबलू शेख नाम के इस रिक्‍शाचालक ने एक जवान लड़की की जान बचाई थी जब वो ट्रेन से कटकर आत्‍महत्‍या करने पहुंची थी।

उस वक्त लड़की ने बबलू से कहा था मुझसे कभी मत मिलना और बबलू अपने सीने में यह बात दबाये रखा। 8 साल बाद जब बबलू अस्‍पताल के बेड पर पड़ा दर्द से कराह रहा था, उस समय वही लड़की लौटी एक ऐसी कहानी के साथ, जिसने बबलू के सारे जख्‍म एक झटके मे भर दिए। इस इमोशनल स्‍टोरी को GMB Akash नामक फेसबुक यूजर ने शेयर किया है। बबलू करीब 30 सालों से रिक्शा चला रहा है।उसने बताया कि एक दिन एक शख्स ने अपनी जवान बेटी को कॉलेज छोड़ने के लिए मुझे हायर किया।
उस शख्स ने मुझसे कहा कि लड़की को ध्यान से ले जाना। मैं अभी कुछ ही दूर चला था कि मुझे उसके रोने की आवाज सुनाई दी। फिर अचानक वो रिक्‍शे से कूदी और पास से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगी। वो शायद आत्‍महत्‍या करने जा रही है। पहले मुझे लगा कि जाने दो वो जहां जा रही है, लेकिन मेरे दिल ने मुझे आगे बढ़ने ही नहीं दिया। मैनें रिक्‍शा किनारे लगाया और उसके पीछे भागते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया।
मैने उसे समझाते हुए वहां से चलने का कहा, लेकिन उसने मुझे गंवार और बेवकूफ कहते हुए झिड़क दिया। वो बहुत बहुत जोर-जोर से रो रही थी। मैनें उसे रोने दिया ताकि उसका दिल हल्‍का हो जाए। मैं उसे इस सुनसान इलाके में अकेला छोड़ने में भी डर रहा था। उस बेचारी लडकी की खातिर मैं वहां घंटों तक रुका रहा। इसके बाद उसने मुझसे कहा कि रिक्शा लाइए।
जब मैंने लड़की को उसके घर छोड़ा तो उसने मुझसे कहा कि आप प्‍लीज यहां दोबारा कभी मत आइएगा। इस घटना को 8 साल से ज्यादा समय बीत चुका था। एक बार रिक्‍शा चलाते समय मेरा एक्‍सीडेंट हो गया और मैं बेहोश हो गया। कुछ लोग मुझे उठाकर अस्‍पताल ले गए। जब मुझे होश आया तो एक लड़की मेरे पास खड़ी थी। उसने मेरा हाथ पकड़कर कहा कि मुझसे मिलने दोबारा कभी घर क्‍यों नहीं आए।
उसके ऐसा कहने के बाद मैं सोचता रहा कि डॉक्‍टर की ड्रेस में ये लड़की कौन है। मेरा इलाज अच्‍छा चल रहा था। मुझे बड़े डॉक्‍टर के पास ले जाया गया। उस लड़की ने डॉक्‍टर से कहा कि ये मेरे पापा हैं। इस पर डॉक्‍टर ने लडकी से अंग्रेजी में कुछ बात की। लड़की ने मेरा हाथ पकड़कर कहा कि अगर मेरे ये पिता उस समय मेरा सपोर्ट नहीं करते तो आज मैं डॉक्‍टर नहीं बन पाती। लड़की के ऐसा कहते ही मैनें आंखें मूंद लीं। उस समय मुझे कितनी खुशी महसूस हो रही थी मैं किसी से बता नहीं सकता था।