भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन में हिमाचल सरकार, अब उठा लिया ये बड़ा कदम उडी अफसरों कर्मचारियों की नींद !

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दागी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लंबित मामलों की पड़ताल तेज हो गई है। विभागों में विभिन्न मामलों के आरोपियों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी की दबी फाइलें अब बाहर निकलेंगी। मुख्य सचिव ने राजस्व, ऊर्जा सहित कुछ अन्य महकमों में एक दर्जन से अधिक मामलों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

अभियोजन मंजूरी के बाद ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होंगे जबकि जिन पर बेबुनियाद आरोप हैं उन पर कार्रवाई की तलवार हटेगी।

सरकार एक तरफ राजनीति से प्रेरित दर्ज मामलों को वापस लेने जा रही है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक रसूख से अपनी जांचों को दबाने वालों पर शिकंजा कसने जा रही है। सरकार के संज्ञान में ऐसे दर्जन भर मामले सामने आए हैं। कई मामलों पर अभियोजन मंजूरी मांगे दो साल से भी अधिक समय हो चुका है।

अभियोजन मंजूरी के लंबित प्रकरणों पर मुख्य सचिव विनीत चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे मामलों का तुरंत निस्तारण किया जाए। ज्यादातर मामलों में कार्रवाई होना तय है। लंबित प्रकरणों में सबसे बड़े स्तर का अधिकारी तहसीलदार रैंक है।

अब विभागीय अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों पर दस दिन के भीतर निर्णय लेकर मुख्य सचिव को अवगत करवाना है। जिन मामलों में अभियोजन मंजूरी की जरूरत नहीं है, उन्हें अपने स्तर से निस्तारित करना है !