खेलों को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठाएगी हिमाचल सरकार, सीएम जयराम ने किया बड़ा खुलासा !

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सीएम जयराम ठाकुर ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा एलान किया है।  मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश खेल बिल को और अधिक यथार्थवादी बनाने के लिए इसमें कुछ बदलाव करेगी। 

उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में खेल अकादमी खोलने पर भी विचार कर रही है।सोमवार को मुख्यमंत्री के सरकारी निवास ओकओवर में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी सरकार को बने कम ही समय हुआ है।

प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास करेगी। प्रदेश ने देश को बहुत उम्दा खिलाड़ी दिए हैं। ये सभी खिलाड़ी प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कुछ करना चाहते हैं, सरकार भी उन्हें पूरा सहयोग देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को सुविधा व पर्याप्त अधोसंरचना प्रदान करने के माध्यम से एक बड़े स्तर पर प्रदेश में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए विभिन्न खेलों में गौरव प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं देने के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उल्लेखनीय है कि पूर्व की वीरभद्र सरकार ने खेल विधेयक बनाकर राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा था

लेकिन वह अभी तक राजभवन में ही है। तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने खेल विधेयक को मंजूर करवाने के लिए राज्यपाल से आग्रह भी किया लेकिन राज्यपाल ने उसे वापस नहीं लौटाया।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले 26 हिमाचली एनसीसी कैडिटों से सोमवार को ओकओवर में मुलाकात की। एनसीसी कैडेट्स को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बडे़ राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में बच्चों को भाग लेते हुए देखना राज्य के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड की टुकड़ी में भाग लेने वाले 26 कैडिटों को 3.40 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश कन्या कबड्डी टीम को नई दिल्ली में पहले खेलों इंडिया स्कूल गेम्स में स्वर्ण पदक अर्जित करने के लिए बधाई दी।

नई सरकार बनने के बाद एक बार फिर आउटसोर्स कर्मचारी मुखर हो गए हैं। सोमवार को महासंघ के बैनर तले आउटसोर्स कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से ओकओवर में मुलाकात की।

इस दौरान महासंघ के अध्यक्ष यूनुस अख्तर ने सालों से विभिन्न विभागों में कार्यरत चल रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में स्थायी नीति लाने की मांग की।

अख्तर ने बताया कि सरकार का आधा काम इन्हीं आउटसोर्स कर्मचारियों के कंधे पर है, लेकिन उन्हें बहुत कम वेतन मिल रहा है। मांग की कि सरकार जल्द इस संबंध में ठोस कदम उठाकर हजारों अल्प वेतन भोगी आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत पहुंचाए।