जय राम सरकार और उनके मंत्रियों का एक महीने का रिपोर्ट कार्ड,जानिए 1 महीने में क्या काम किया सरकार ने,ये पढकर आपका विस्वास और मजबूत होगा !

Uncategorized

एक महीने के जयराम सरकार के कार्यकाल में उनके ज्यादातर कैबिनेट मंत्री राजकाज में सक्रिय हो गए हैं। इनमें से कुछ मंत्री फ्रंट फुट पर नजर आते हैं तो कुछ डिफेंसिव मोड में भी हैं। इन मंत्रियों में से कुछ ने अहम फैसले लिए हैं तो कुछ पुरानी सरकार के फैसले पलट रहे हैं। पर जिस तरह से एक महीने में इस सरकार ने काम किया है उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है !

परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर 

null

प्रदेश में बसों के बारी-बारी से सारे रूट बदल रहे हैं। एक रूट में पंद्रह से बीस मिनट का अंतर रखा जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के पूर्व सरकार के समय के रूट बदल रहे हैं। 1300 कंडक्टरों की भर्ती पूर्व सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई। इनकी नए सिरे से भर्ती करवा रहे हैं। उन्होंने कौशल विकास निगम के माध्यम से प्रशिक्षु कंडक्टरों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। बीच में ये बंद हो गया था।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर 

null

घायल पशुओं के लिए एंबुलेंस योजना शुरू करने का बीड़ा उठाया है। लावारिस पशुओं को गोसदन तक पहुंचाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। ग्राम पंचायतोें में मनरेगा का पैसा खर्च न होने और काम रोके जाने पर अधिकारियों को तलब किया है। जहां पर फंड रुका हुआ है, वहां ग्राम पंचायत प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं।

नगर नियोजन एवं शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी 

null

ढाई मंजिल के भवन बनाने के ग्रीन ट्रिब्यूनल के फैसले पर रिव्यू पेटीशन दायर करने का फैसला लिया है। जिन्होंने नियमानुसार भवन बनाए हैं और अगर उनका नक्शा बेशक पास न हो, ऐसे नक्शों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आदेश दिए हैं। हिमुडा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्लॉट और फ्लैट बनाने के लिए जमीन देखें। जाठिया देवी में सरकार की ओर से 300 बीघा खरीदने को कहा गया है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री किशन कपूर

null

पतंजलि योगपीठ के उत्पादों को डिपो में आम लोगों को उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। डिपो में पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सात दालों के टेंडर की प्रक्रिया के जांच के आदेश दिए हैं। आटे के नमूने फेल होने के मामले में मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। डिपो होल्डरों को एक तारीख राशन उठाने के आदेश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार

null

फील्ड में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। पीलिया जैसे जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए अधिकारियों को सतर्क किया है। करसोग अस्पताल में नर्स से हुए दुर्व्यवहार के मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। इस पर बाकायदा जांच बैठाई गई है। अस्पतालों के औचक दौरे करते भी नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों के सैकड़ों पद भरने का फैसला लिया है।

आईपीएच और बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर

null

काफी एक्टिव मोड में हैं। राजधानी शिमला, मंडी, सोलन आदि मेें पीलिया फै लने को लेकर लगातार अधिकारियों की बैठकें लेते रहे। ब्रिक्स की रूस से आई एक टीम के साथ बैठक करके उन्हें हिमाचल प्रदेश में वर्षा जल संग्रहण का मास्टर प्लान दिखाया है। इसमें आर्थिक मदद मांगी है। नींबू प्रजाति के फलों का समर्थन मूल्य बढ़वाया है। बागवानी विकास परियोजना की समीक्षा की है।

कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा

null

हर नदी और खड्ड के पानी को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से जोड़ने पर काम शुरू किया है। भारत सरकार को प्रस्ताव भेजेंगे कि यहां की भौगोलिकता को देखते हुए इस बारे में हिमाचल सरकार को राहत दी जाए।

उद्योग मंत्री विक्रम सिंह

null

हिमाचल प्रदेश का उद्योग महकमा खनन माफिया के खिलाफ खासा सक्रिय हो चुका है। हालांकि, अभी नए उद्योगों को हिमाचल में आमंत्रित करने पर कोई नीति स्पष्ट नहीं है।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज

null

शिक्षा विभाग में कई सालों से चल रहे तबादले के खेल को समाप्त करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। शिक्षकों के तबादले करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने के अफसरों को आदेश दिए हैं। रूसा को लेकर बैकफुट पर आए हैं। चुनावों से पहले रूसा को समाप्त करने की बात करते थे, अब रूसा के पक्षधर हो गए हैं। इसमें सुधार करने के अब दावे किए जा रहे हैं।

ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा

null

ट्रांसमिशन लॉस कम करने के लिए बिजली बोर्ड को आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने के आदेश दिए हैं। ऊर्जा नीति में बदलाव कर छोटे और बड़े बिजली परियोजनाओं के आवंटन की प्रक्रिया को सरल करने का काम शुरू किया है। बीबीएमबी के तहत पंजाब और हरियाणा से हिमाचल को मिलने वाली करोड़ों रुपये की हिस्सेदारी को वसूलने के लिए भी कड़े कदम उठाए हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री राजीव सैजल

null

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत सरकार ने 80 साल की आयु को घटाकर 70 साल किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग को मजबूत करने के लिए अफसरों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बाल आश्रमों, आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त करने के लिए काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार के समक्ष भी कई मुद्दों को उठाया है।

news सोर्स