बड़ी खबर : जनता को पांच हजार करोड़, वन संपदा का लाभ देगी अब जय राम सरकार

देश

जयराम सरकार प्रदेश की जनता को करीब पांच हजार करोड़ की वन संपदा का लाभ देगी। ईको सिस्टम सर्विसेज के फायदों को दोगुना करने की तैयारी है। जापान के आर्थिकसहयोग से ऐसा संभव होगा।

हिमाचल के लिए अप्रैल से 800 करोड़ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आरंभ होगा। इसका एमओयू साइन हो चुका है। अब प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा जाएगा। प्रदेश में जापान के आर्थिक सहयोग से वनों का घनत्व बढ़ेगा। पर्यावरण का बेहतर संरक्षण होगा। नौ लाख किसान परिवारों को वनों से मिलने वाली सेवाओं के मूल्य के तौर पर करीब पांच हजार करोड़ के लाभ होंगे। अभी यह अढ़ाई हजार करोड़ के आसपास हैं।

अब जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन यानी जाइका 800 करोड़ का प्रोजेक्ट चलाएगा। अप्रैल से यह आरंभ हो जाएगा। इसके लिए वन विभाग पूरी तरह से तैयार है। हिमाचल में वानिकी के क्षेत्र में यह पहला प्रोजेक्ट होगा। इसके लिए वन विभाग ने काफी वक्त से कसरत की। प्रोजेक्ट इसी महकमे के माध्यम से लागू किया जाएगा।

टीडी से ही न करें आकलन

टिंबर डिस्ट्रीब्यूशन यानी टीडी की लकड़ी को ही बड़े लाभ के तौर पर देखा जाता है, लेकिन यह केवल उन्हीं को मिलती है जिनके जंगलों में बंदोबस्त के वक्त के अधिकार होते हैं। वन अधिकारियों की मानें तो वनों का आकलन केवल टीडी लाभों से ही न करें इनके और फायदे भी हैं।

जलस्रोतों में होगा इजाफा

प्रोजेक्ट से जल के परंपरागत स्रोतों को भी बढ़ावा मिलेगा। जंगलों में गुणवत्ता वाली घास रोपी जाएगी। लोगों को जड़ी बूटी की प्रोसेसिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पानी के चश्मों को कैसे अधिक वर्षों तक जीवित रखेंगे, इस पर भी कार्य होगा

वानिकी में बड़ा निवेश

जापान की मदद से प्रदेश की वानिकी में यह बड़ा निवेश होगा। इससे ईको सिस्टम सर्विसेज बेहतर होंगी। वन विभाग के मुताबिक मौजूदा वक्त में किसानों को जंगलों से घास, इंजन और चारे, जड़ी बूटियों के तौर पर करीब अढ़ाई हजार के प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इन सेवाओं का आकलन करवाया गया था। अब इसे दोगुना किया जाएगा। इसकी जनता को कोई कीमत नहीं चुकानी होती है।

800 करोड़ का प्रोजेक्ट होगा अप्रैल से आरंभ

प्रदेश में वानिकी के क्षेत्र के लिए पहली बार प्रोजेक्ट आया है। उम्मीद है कि यह अप्रैल तक आरंभ हो जाएगा। इसका पूरा फोकस इस बात पर रहेगा कि प्रदेश में ईको सिस्टम सर्विसेज कैसे बेहतर करें? यह प्रोजेक्ट 10 साल

के लिए होगा।

-डॉ. जीएस गौराया, पीसीसीएफ।

पर्यटन विकास के लिए रूस की मदद लेगा हिमाचल

हिमाचल सरकार पर्यटन के विकास तथा जल संरक्षण के क्षेत्रों में रूस सरकार के साथ कार्य करने पर विचार कर रही है। सरकार निवेश, तकनीक, सड़क अधोसंरचना तथा सांस्कृतिक क्षेत्र में भी रूसी सरकार से सहायता लेगी।

मुख्यमंत्री ने यह बात

आज यहां रूस से आए ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय मैत्री प्रतिनिधिमंडल के साथ ठाकुर ने कहा कि किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए वर्षा के जल संरक्षण की आवश्यकता है, जिससे मिट्टी के बहने पर भी रोक लग सके। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के लिए अपार संभावनाएं हैं तथा इस दिशा में सभी संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रदेश में केंद्र सरकार की 69 सड़क परियोजनाओं से अब 2.3 वर्षों में यह कार्य आसानी से पूरे हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों में रूस की विशेषज्ञता की सहायता से आने वाले समय में प्रदेश के लाभान्वित होने की आशा जताई है।

इस मौके सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह

ठाकुर ने चेकडैम के माध्यम से वर्षा जल संग्रहण पर बल दिया, ताकि किसानों व बागवानों की सिंचाई जरूरतों के लिए पानी की आपूर्ति की जा सके। ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय मैत्री रूस प्रधान लरीसा जेनेटेस्लोवा ने इससे पहले मुख्यमंत्री को बताया कि रूसी सरकार पर्यटन, सड़क संपर्क, रोपवे तथा सांस्कृतिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश के साथ कार्य करने को सहमत है।

मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव मनीषा नंदा, स्वास्थ्य सचिव देवेश कुमार, ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय मैत्री रूस उपप्रधान यूलिया इगोरोवा, प्रबंध निदेशक संजय कपूर, दिवेश चंदेल और पीयूश चंदेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।