बड़ी खबर : मुख्यमंत्री जय राम ने धारण की रौद्र रूप,अब इनकी ख़ैर नही मच गया हड़कंप,मुख्यमंत्री हो तो ऐसा।

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मुख्यमंत्री कैसा हो यह सभी जानते हैं मुख्यमंत्री वैसा होना चाहिए जो प्रदेश से जुड़ी हर समस्या का हल करना जानता हूं और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर भी वैसे ही मुख्यमंत्री बनकर उभरते हुए नजर आ रहे हैं।

आपको फिल्म याद होगी नायक जिसमें 1 दिन के लिए मुख्यमंत्री बनते हैं अनिल कपूर और एक दिन में ही बहुत कुछ बदल देते हैं अनिल कपूर फिल्म के नायक थे लेकिन जय राम ठाकुर असल जिंदगी के नायक बन कर उभरते हुए नजर आ रहे हैं जिस तरह से प्रदेश हित में वह कार्य करते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं वह दिन दूर नहीं जब हिमाचल प्रदेश सबसे अव्वल होगा अपराध मुक्त होगा।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ड्रग और खनन माफिया के ऊपर सख्त कार्रवाई का आदेश दे दिया है आज से पहले आप सभी ने यही सुना होगा की सरकार है इनके आगे दब जाती है लेकिन जय राम सरकार उन सरकारों में से नहीं है।मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ड्रग और खनन माफिया पर करारी चोट करने का आदेश दिया है। उन्होंने ड्रग की चुनौती से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा है।

मंगलवार को गृह विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सीएम गुड़िया हेल्पलाइन को 27 जनवरी को लांच करेंगे। उसी दिन मोबाइल एप शक्ति बटन भी लांच होगा। जयराम ने पुलिस विभाग को होशियार हेल्पलाइन पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपियों को कम सजा मिलने के लिए जवाब तलब किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य गृह विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने एनडीएंडपीएस एक्ट 1985 के तहत सजा की दर में कमी पर कारण बताने को कहा। उन्होंने राज्य में नशाखोरी और खनन माफि या पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस के समक्ष पारंपरिक और मनोचिकित्सक प्रकार की नशीली दवाएं एक गंभीर चुनौती है। ड्रग माफिया से निपटने के लिए एक ठोस योजना की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपनी छवि सुधारने की दिशा में कार्य करने पर भी जोर दिया।

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हादसों पर जताई चिंता

राज्य में दुर्घटनाओं के कारण मौतों में हो रही वृद्धि पर चिंता जाहिर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कड़े यातायात नियमों के लिए एक योजना तैयार की जानी चाहिए। हालाकि राष्ट्रीय राजमागरें और कुछ अन्य स्थानों पर इंटरसेप्शन वाहनों की तैनाती की जा सकती है, लेकिन नशे की हालत और मोबाइल सुनते वक्त वाहन चलाने पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

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पॉलीग्राफ टेस्ट होगा आरंभ

बैठक में अवगत करवाया गया कि 100 दिन के लक्ष्य के तहत राज्य में पॉलीग्राफ परीक्षण शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। सभी अग्निशमन उपकरणों का परिचालन करने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम और सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभागों को इस संबंध में आपसी समन्वय से कार्य करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश सड़क दुर्घटना डाटा प्रबंधन प्रणाली के अतंर्गत सभी पुलिस स्टेशनों में मोबाइल टैबलेट उपलब्ध करवाने वाला देश का पहला, पासपोर्ट सत्यापन प्रणाली की सुविधा प्रदान करने वाला दूसरा राज्य है। बैठक में मुख्य सचिव विनीत चौधरी, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकात बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, मनीषा नंदा, प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना सहित कई आला अधिकारी मौजदू रहे।