BPL परिवार गरीबी के अभिशाप से होंगे मुक्त, जय राम सरकार उठाने जा रही यह बड़ा कदम ।

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राज्य सरकार बी.पी.एल. परिवारों को आत्मनिर्भर बनाएगी। इसके तहत इन परिवारों की आर्थिकी को सुधारा जाएगा और उनको गरीबी के अभिशाप से मुक्त किया जाएगा।

सरकार इसके लिए योजना बना रही है, जिसमें ऐसे परिवारों की स्थिति के अनुसार मदद की जाएगी जिन परिवारों के पास कृषि और बागवानी के लिए जमीन उपलब्ध है। उस जमीन को विकसित करने में मदद की जाएगी। ऐसे में यदि कोई परिवार आय के साधन विकसित करने के लिए पौधे लगाना चाहता है, तो उसे लगाने में मदद की जाएगी।

इसमें भौगोलिक स्थिति के अनुसार मदद की जाएगी। ऐसे क्षेत्र जहां नींबू पैदा हो सकते हैं, तो सरकार उन परिवारों को कम से कम 100 पौधे लगाकर देगी। साथ ही उनका बगीचा विकसित करने के लिए मदद भी करेगी। जब यह बगीचा फल देने लगेगा तो उसकी आय गरीब परिवार को होने लगेगी।

इसी तरह कोई सेब सहित अन्य प्रजाति के फलों को लगाना चाहता है, तो उस हिसाब से उसकी मदद की जाएगी। इसमें गड्ढे लगाने से लेकर पेड़ों को बढ़ा किया जाएगा। जो परिवार कृषि या सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में मदद चाहते हैं, तो सरकार उसकी मदद करेगी। इन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए सुविधा भी उपलब्ध करवाने के अलावा फैंसिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

साथ ही कृषि और बागवानी क्षेत्र में जो भी संभव होगा मदद की जाएगी। राज्य में 1 पंचायत में 10 परिवारों को बी.पी.एल. का दर्जा दिए जाने का प्रावधान है और केंद्र सरकार के निर्देश पर 3 बार इसकी समीक्षा की गई है। यह समीक्षा पहले 6 अप्रैल, 2008, दूसरी बार 3 मार्च, 2011 और तीसरी मर्तबा 7 अप्रैल, 2013 में हुई है। बी.पी.एल. परिवारों के चयन का जिम्मा पंचायत स्तर पर ग्राम सभा को सौंपा गया है।

इस सूची में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए वीडियोग्राफी भी करवाए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा लोगों के घरों में बी.पी.एल परिवार पेंटिंग करके अंकित किया जा रहा है। राज्य में बी.पी.एल. के अलावा भी कई परिवार गरीब है। ऐसे परिवारों में उन 10 लाख लोगों को रखा जा सकता है, जिन्होंने प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खाते खोल रखे हैं।

प्रदेश में करीब 2,82,278 बी.पी.एल. परिवार
ऐसे परिवारों को मनरेगा, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार सरकार इसके लिए योजना तैयार कर रही है, जिसमें 60:40 के अनुपात से मदद करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा प्रदेश या केंद्र प्रायोजित योजनाओं के आधार पर इन परिवारों की मदद की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि राज्य में इस समय करीब 2,82,278 बी.पी.एल. परिवार चयनित हैं।