मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का बड़ा बयान, इस बयान के हैं अपने आप में बड़े मायने।

देश

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर का एक बहुत ही बड़ा बयान सामने आया है और इस बयान के अपने आप में ही बहुत ही ज्यादा मायने हैं इस बयान ने दिखा दिया है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर हिमाचल के विकास लोगों की भलाई के लिए कितने ज्यादा तत्पर हैं।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि हमें कोई जल्दबाजी नहीं, हर काम मापतोल कर करेंगे। और ऐसा काम करेंगे कि आने वाले वक्त में हिमाचल प्रदेश की जनता हमारे काम को याद करेगी। यह बयान खुद मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने दिया है और आप खुद इस बयान के मायने निकाल सकते हैं यानी यह तय है कि प्रदेश के लिए जय राम सरकार आगे चलकर बहुत कुछ करने वाली है ।

सराज हलके के एक दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने थाची, पंजाई व बालीचौकी में नागरिक अभिनंदन के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

बकौल जयराम ठाकुर, ने आगे कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि सरकार रातों रात सब कार्य कर दे, ऐसे लोगों को संयम रखना होगा। जनता ने जिस उम्मीद के साथ भाजपा को सत्ता सौंपी है, पांच साल में उन उम्मीदों पर एक-एक कर खरा उतरने के प्रयास होंगे। विरासत में खजाना खाली व 45000 करोड़ रुपये का कर्ज मिला है।

विकास के नाम पर पूर्व सरकार ने वोट बैंक की खातिर बिना बजट फट्टे लगाए हैं। सरकार बदले की भावना से काम नहीं करेगी, बल्कि पूर्व सरकार के समय खोले गए संस्थानों को गुणधार पर सुचारू रूप से चलाएगी।

हवाई यातायात की तरफ पूर्व सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। भुंतर व गगल हवाई अड्डा को विकसित नहीं किया। उच्च क्षमता का एयर नियंत्रण कक्ष स्थापित न होने से भुंतर हवाई अड्डा दिक्कतों से जूझता रहा। केंद्र सरकार ने इस समस्या से पार पाने के लिए सराज के भाटलूधार में उच्च क्षमता के उपकरण लगाने का निर्णय लिया है। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होंगे।

सरकार ने भाटलूधार को जोड़ने वाली सड़क को तुरंत पक्का करने के आदेश दिए हैं। जयराम ठाकुर कहा कि कभी सराज में भाजपा की जमानत जब्त होती थी, मगर अब सराज शिखर पर है। दैवीय कृपा से राजनीतिक घटनाक्रम ऐसा बदला कि सराज शिखर पर पहुंच गया।

मुख्यमंत्री ने अपने पहले ही दौरे में सराज के साथ-साथ द्रंग, बंजार क्षेत्र को भी पर्यटन सर्किट की सौगात दे डाली। मुख्यमत्री ने थाची, द्रंग, बंजार, गाड़ागुशैणी और पूरे सराज क्षेत्र को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में धार्मिक, ईको और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा पूर्व सरकार द्वारा घोषित थाची कॉलेज बजट सत्र में बजट की घोषणा के साथ ही शुरू किया जाएगा।