जलजनित रोगों के मामले सामने आने से,सख्त हुए CM जय राम दिए ये बड़े आदेश।

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सूबे में बढ़ते पीलिया जैसे जलजनित रोगों के मामले सामने आने के बाद सरकार हरकत में आ गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य एवं सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। 

इस दौरान अफसरों को जलस्रोतों की सफाई करवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजनित रोगों के मामलों के प्रति गंभीर है। प्रदेश के किसी भी भाग में जलजनित रोगों की रोकथाम को हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय से कार्य करने, स्थिति पर निगरानी रखने तथा लोगों के फीडबैक को प्राथमिकता देने पर बल दिया। ग्रामीण विकास विभाग को जल स्त्रोतों की सफाई व्यवस्था बनाने तथा पर्याप्त मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर की उपलब्धता के निर्देश दिए।

कहा कि नगर निगम को आईपीएच विभाग के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए एक सघन अभियान आरंभ किया जाना चाहिए। इसमें पंचायतों, महिला मंडलों तथा स्कूलों को भी शामिल करना चाहिए।

300 पंपिंग योजनाओं के स्तरोन्यन पर हो रहा विचार

उन्होंने पानी के नमूने व जांच को सही प्रकार से करने और जल भंडारण टैंकों तथा पाईपों में किसी प्रकार का रिसाव की रोकथाम को भी सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य सचिव विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव मनीषा नंदा, प्रधान सचिव स्वास्थ्य प्रबोध सक्सेना, सचिव सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य देवेश कुमार, सचिव (ग्रामीण विकास) डा आरएन बत्ता समेत राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य की 300 पंपिंग योजनाओं का स्तरोन्यन करने पर विचार कर रही है। लोगों की मांग की पर विचार करने के बाद ट्यूबवेल लगाए जाएंगे।

उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को जहां आवश्यकता हो वहां पर पर्याप्त हैंडपंप स्थापित करने तथा टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति के लिए जल स्त्रोत चिह्नित करने को भी कहा।

टैंक की सफाई न हुई हो तो शिकायत करें : महेंद्र 

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जलाशयों में अतिरिक्त क्लोरिनेशन के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। विभिन्न जलाशयों से जल के नमूने लिए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उनके क्षेत्र के पेयजल टैंक की सफाई न हुई हो तो वह विभाग या सरकार से इसकी शिकायत कर सकते हैं।

दावा किया कि 15 जनवरी तक कुल 20 हजार 984 जल भंडारण टैंकों में से 20 हजार 881 टैंकों की सफाई की जा चुकी है। सिर्फ बर्फीले क्षेत्रों में स्थित कुछ भंडारण टैंकों की सफाई नहीं हो सकी है। यह बर्फबारी का मौसम समाप्त होने के बाद तुरंत कर दी जाएगी।

हैपेटाइटिस की होगी निशुक्ल जांच,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन परमार ने कहा कि पिछले साल पीलिया के 46 मामले सामने आए थे। इस वर्ष मात्र नौ मामले सामने आए हैं। इनमें छह मामले हैपेटाइटिस ए तथा तीन मामले हैपेटाइटिस ई के हैं। कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में हैपेटाइटिस की नि:शुल्क जांच की सुविधा दी जा रही है।

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