अपराध को खत्म करने वाले सिंघम को कांग्रेस ने जहां से भेजा था,बीजेपी ने सिंघम को बापिस वहां भेजा,माफियाओं में हड़कंप।

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वेलकम‘सिंघम’ : SP गौरव सिंह ने संभाला कार्यभार, माफियाओं में हड़कंप ।

हिमाचल के बद्दी का सिंघम गौरव सिंह अब एएसपी नहीं, बल्कि एससपी बद्दी बनकर लौटा है. उन्होंने शुक्रवार को बतौर एसपी पदभार संभाल लिया है. गौरव सिंह के बद्दी आने के बाद पूरे क्षेत्र के माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है.

पदभार संभालने के बाद गौरव सिंह ने कहा कि जिला पुलिस बद्दी बरोटीवाला और नालागढ़ (बीबीएन) में कानून की अवहेलना करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी. ट्रैफिक ,नशा ड्रग्स ,खनन माफिया पर पुलिस खासतौर पर फोकस रहेगा.

28 साल के हैं एसपी गौरव सिंह

हिमाचल में सबसे कम उम्र में एसपी बनने वाले गौरव सिंह अब फिर से बद्दी लौट आए हैं. 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह पहले भी बद्दी में बतौर एएसपी सेवाएं दे चुके हैं. उनका यह कार्यकाल खनन व नशा माफिया को सबक सिखाने वाला रहा था. इस अधिकारी की कार्यप्रणाली की जनता प्रशंसा करती है तथा बीबीएन के जनप्रतिनिधि व लोग चाहते थे कि वे यहां पर एसपी लगें, ताकि नशा व खनन माफिया पर लगाम लग सके.

गौरव सिंह का जन्म 1 जुलाई, 1990 को आगरा में एक साधारण परिवार में हुआ है. उनके पिता का नाम बी सिंह और माता का नाम किरण देवी हैं। गौरव शिमला, बद्दी व कांगड़ा में बतौर एएसपी सेवाएं दे चुके हैं तथा वर्तमान में लाहौल-स्पीति के कप्तान थे, जिनका बुधवार को सरकार ने बद्दी के लिए तबादला कर दिया था और शुक्रवार को गौरव सिंह ने बतौर एसपी बद्दी में पदभार संभाल लिया है.

7 माह के कार्यकाल में अवैध खनन के 177 मामले पकड़े थे

बद्दी में बतौर एएसपी गौरव सिंह ने अपने 7 महीनों के कार्यकाल में अवैध खनन के 177 मामले पकड़े व करीब 26 लाख रुपए जुर्माना वसूला था. इसी तरह ड्रग्स के 13 व अवैध शराब के कारोबार के 75 मामले पकड़े थे.

विधायक की पत्नी के वाहनों का किया चालान, कांग्रेस ने किया था ट्रांसफर

बद्दी में अपने कार्यकाल में गौरव सिंह ने एटीएम से नकदी चोरी, चेन स्नैचिंग व मर्डर के 2 मामलों को भी सुलझाया था. उन्होंने बिना किसी दबाव के यहां पर कार्य किया और विधायक की पत्नी के टिप्पर का चालान कर दिया था.

बद्दी में विधायक की पत्नी के टिप्पर का चालान करने के तुरंत बाद सरकार ने कांगड़ा में बतौर एएसपी तैनाती दे थी.

ईमानदारी के लिए पूरे देश में जानी जाने वाली हिमाचल पुलिस के दामन पर कोई धब्बा न लग जाए, ऐसा गौरव सिंह बर्दाश्त नहीं कर सकते और इसीलिए उन्होंने सही ढंग से नौकरी न करने वाले 26 पुलिस व होमगार्ड जवानों पर कार्रवाई की है, जिनमें 22 लाहौल-स्पीति और 4 बद्दी के शामिल हैं.

डीजीपी डिस्क आवार्ड से सम्मान मिल चुका है

गौरव सिंह कहते हैं कि गलत को छोड़ा नहीं जाना चाहिए और सही को गलत फंसाया नहीं जाना चाहिए. सही करते हुए डरना नहीं चाहिए, क्योंकि सही का साथ सभी देते हैं. गौरव सिंह को 30 जून, 2017 को तत्कालीन डीजीपी संजय कुमार ने डीजीपी डिस्क आवार्ड से सम्मानित किया था. उन्हें यह अवार्ड वर्ष 2015 में जिला शिमला के बालूगंज में ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने व ओवरआल गुड वर्किंग के लिए मिला था.

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