बड़ी खबर : कांग्रेस राज में हुए 416 पेड़ कटान मामले में बहुत बड़ा खुलासा, कई अफसरों लपेटे में गिरेगी गाज,हुआ बड़ा खुलासा !

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बीजेपी के सत्ता में आते ही हुआ बहुत बड़ा खुलासा और खुली कांग्रेस की पोल किस तरह से कांग्रेस राज में हुआ इस तरह का कांड और कांग्रेस चुपचाप सब देखती रही !

कोटी वन रेंज में जिस 50 बीघा जमीन पर 416 पेड़ काटे गए, वो वन विभाग की ही निकली है। तीन दिन निशानदेही के बाद राजस्व विभाग ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब कभी भी आरोपी भूप राम की गिरफ्तारी हो सकती है।वन विभाग के कई अफसरों पर भी अवैध वन कटान के इस मामले में गाज गिर सकती है। पुलिस की मौजूदगी में राजस्व विभाग ने पैमाइश पूरी की।

राजस्व विभाग ने साफ किया है कि जनेड़घाट के शलोट नाले में वन भूमि पर ही अवैध रूप से सैकड़ों पेड़ काट गए हैं। डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने कहा कि अभी तक राजस्व और वन विभाग की ओर से कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया है। रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस इस मामले में आगामी कार्रवाई करेगी।जुन्गा तहसील के नायब तहसीलदार मेहर चंद वर्मा ने बताया कि शलोट नाले में हुए पेड़ कटान वाली भूमि की निशानदेही पूरी हो चुकी है। जिस भूमि पर पेड़ कटान हुआ है वह पूरी भूमि सरकारी वन विभाग की है।

राजधानी शिमला की कोटी रेंज में हुए 400 पेड़ों के अवैध कटान के मामले में वन विभाग ने एसआइटी गठित की है। यह एसआइटी तीन दिन के भीतर सरकार को जांच रिपोर्ट देगी। इसमें पूर्व में रेंज में तैनात रहे अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी सिफारिश की जाएगी।सूत्रों के अनुसार वन कटान को लेकर लापरवाह बने कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। प्रभावशाली व्यक्ति उनकी आंखों के सामने वन कटान करता रहा लेकिन वन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अवैध वन कटान का कड़ा संज्ञान लिया गया है। इस संबंध में एसआइटी के मुखिया पीसीसीएफ (प्रशासन) एसके शर्मा ने मौके का मुआयना किया। उन्होंने आरोपी से भी पूछताछ की। आरोपी ने बिना इजाजत खनन के नाम पर सैकड़ों पेड़ों पर आरी चला दी थी। मामला सामने आने के बाद वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने भी मौके का निरीक्षण किया था। उन्होंने वन विभाग को पेड़ कटान करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

पीसीसीएफ रैंक के अधिकारी की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की गई है। इस टीम में डीएफओ समेत कई और अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट देगी। वन कटान के दौरान लापरवाह रहे कर्मचारियों की जिम्मेवारी व जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जंगलों में हर हाल में कानून का राज कायम करना सुनिश्चित किया जाएगा।

डॉ. जीएस गौराया, पीसीसीएफ, हिप्र

9 जनवरी : वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड को नौ जनवरी को शलोट नाला में पेड़ों की कटान की सूचना मिली।
10 जनवरी : विभाग के ब्लॉक अफसर और फॉरेस्ट गार्ड ने मौके का निरीक्षण किया।
11 जनवरी : कोटी रेंज के ब्लॉक अफसर ने पुलिस में अवैध कटान करने पर पेड़ कटान वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस टीम की अगुवाई में वन विभाग की टीम ने 150 देवदार के स्लीपर और 33 कोयले की बोरियां बरामद कर कब्जे में ली।
12 जनवरी : महकमे के आला अधिकारियों की टीम ने शलोट नाला का किया निरीक्षण।
13 जनवरी : वन मंत्री गोविंद ठाकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने विभाग के अफसरों की पीठ थपथपाई।
14 जनवरी : राजस्व विभाग के तहसीलदार और कानूनगो मौके पर पहुंचे और निशानदेही के लिए बुर्जियां स्थापित कीं।
15 जनवरी : विभाग की निशानदेही चलती रही।
16 जनवरी : निशानदेही कर रिपोर्ट तैयार की और कार्रवाई पूरी करने के लिए पुलिस प्रशासन को सौंपी।