मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अफसरों को दो टूक, किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी ये लापरवाही,दिया आदेश सहमे अफसर।

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सीएम जयराम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के सड़क निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारी कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वरिष्ठ अधिकारियों का काम बड़े निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण करने का है।

घाटिया गुणवत्ता के निर्माण बर्दाश्त नहीं होंगे। अधिकारी एक पखवाड़े में कम से कम तीन बड़े कार्यों का ग्राउंड पर निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। मुख्यमंत्री ने 62 नए राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए परामर्शी सेवाएं तय करने को 31 मार्च की डेडलाइन तय की है। विभागीय अधिकारियों ने सीएम को अवगत करवाया कि 900 करोड़ के सड़क, पुल और मार्गों पर ब्लैक स्पॉट सुधारने के प्रस्ताव केंद्र को भेजे हैं।
राजमार्गों के निर्माण में देरी पर जताई चिंता, दिए ये आदेश..

वित्त विभाग की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के कामकाज का आकलन किया। उन्होंने नए राजमार्गों के निर्माण में देरी पर चिंता जताई। केंद्र से स्वीकृत 62 एनएच की निर्माण प्रक्रिया शुरू करने के लिए समयसीमा तय की है।

प्रदेश में मौजूदा समय में 69 राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। इनमें 44 सौ किलोमीटर रोड आता है। कहा कि निर्माण कार्यों का निरीक्षण सबसे अहम है। इस पर विभाग का उतना फोकस नहीं है। चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी मौके पर निरीक्षण करें।

हर वित्तीय वर्ष में निर्मित होने वाली सड़कों और पुलों की रूपरेखा तय होनी चाहिए। मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने विभागीय अधिकारियों से साफ किया कि अप्रैल तक धरातल पर काम होता दिखना चाहिए। उन्होंने पुलों के निर्माण को प्राथमिकता बताया।लोक निर्माण विभाग ने 16 सड़क और 26 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। दुर्घटना के लिहाज से संवेदनशील 17 ब्लैक स्पॉट ठीक करने के लिए संयुक्त 487 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है।

विभाग फिलहाल 170 डीपीआर पर काम कर रहा है। इनके लिए नाबार्ड ने 634 करोड़ दिए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में केंद्र को 384 करोड़ की डीपीआर भेजी है।

परवाणू – शिमला मार्ग निर्माण पर चिंता
मुख्य सचिव चौधरी ने परवाणू-शिमला राष्ट्रीय मार्ग के निर्माण कार्य पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मार्ग पर कोई साइन बोर्ड नहीं है, जिससे पता लगे कि सड़क मार्ग खराब है। उन्होंने ठेकेदार का नाम, बजट आदि दर्शाते साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं।

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