जानिए क्या थी वो बड़ी वजह जिस कारण हिमाचल की बेटी,गीता अचानक बनी WHO की कैलेंडर गर्ल,चौंक जाएंगे सचाई जानकर ।

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हिमाचल की बेटी गीता ने अपने कार्य के बलबूते आज ना सिर्फ हिमाचल का नाम रोशन किया है बल्कि अपने माता पिता और खुद का नाम भी चमकाया है।

अक्सर सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होना ठीक नहीं होता है, लेकिन मंडी की एक बेटी के वायरल फोटो ने उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कलैंडर पेज तक पहुंचा दिया.

डब्ल्यूएचओ इंडिया ने 2018 के कलेंडर में हेल्थ वर्कर गीता को फ्रंट पेज पर जगह दी है. गीता मंडी से हैं. सीएम के गृह क्षेत्र से संबंध रखती है और हेल्थ वर्कर हैं. गीता मंडीर के सराज क्षेत्र में दुर्गम रास्तों पर बाइक के जरिये जगह-जगह जाकर टीकाकरण करती थी.

खसरा और रूबेला के टीकाकरण में शानदार योगदान के लिए यह सम्मान मिला है. उधर, शुक्रवार को हिमाचल के सीएम ने भी गीता वर्मा के काम की सराहना की.

सीएम के जिले मंडी जिला की सराजघाटी के दुर्गम इलाके शिकारी देवी के जंगलों से होते उन्हें गुर्जर समुदाय के अलावा 50 से ज्यादा बच्चों को खसरा और रूबेला के टीके लगाए. यह इलाका स्वास्थ्य उपकेंद्र शंकरदेहरा के तहत आता है.

गीता ने बताया कि कैलेंडर गर्ल बनने को लेकर वह काफी उत्साहित हैं. इससे उनके इलाके के लोगों की लड़कियों के प्रति बनी सोच में बदलाव जरूर आया है. गीता ने बताया कि उसने कभी सोचा नहीं था कि वह कभी डब्ल्यूएचओ की कलैंडर गर्ल बनेंगी. जिस वक्त ये फोटो क्लिक की गई थी उस वक्त उनके दिमाग में बस टारगेट पूरा करने की बात चल रही थी कि कोई भी बच्चा बिना टिका लगाए न रहे। इसके लिए उन्हें काफी कठिनाई भरे रास्तों से हो कर गुज़रना पड़ा.

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