बड़ा खुलासा : वीरभद्र सरकार ने इस तरह इन खास इलाकों के लिए कंगाल किया राहत कोष, तो CM जय राम ने लिया ऐतिहासिक निर्णय,सब हैरान !

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जाते-जाते कांग्रेस सरकार राहत कोष को भी खाली करके ही गई है वो भी खास इलाकों के लोगों के लिए,जोकि नई सरकार BJP के लिए और खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के लिए बहुत बड़ी चुनौती है लेकिन जय राम ठाकुर ने जो अब एक निर्णय लिया है उसकी हर तरफ प्रशंसा की जा रही है यह अपने आप में एक ऐतिहासिक निर्णय है. राहत कोष को भरने के लिए लिया गया यह निर्णय साफ दिखाता है की हिमाचल सरकार प्रदेश के विकास के लिए किस कदर इच्छाशक्ति रखती है!

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि सत्ता से बाहर होने वाली वीरभद्र सरकार ने सत्ता से बाहर होने से पहले सीएम रिलीफ फंड सफा चट कर छोड़ा है यानी सीएम रिलीफ फंड बिल्कुल खाली पड़ा हुआ है जो की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में सिर्फ दो लाख रूपय ही बचे हुए हैं जबकि इस में हर समय पांच करोड़ की धनराशि रहती थी अब यह सबसे बड़ी बात है कि किस आधार पर इसे इस तरह खाली किया गया आखिर वह पैसा कहां बांटा गया प्रदेश की नई सरकार ने पता लगाया है कि पूर्व सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष का दुरुपयोग किया है!

जरूरतमंद लोगों की मदद करने के नाम पर राहत कोष के धन का उपयोग होता है लेकिन देखने में आया है कि मुख्यमंत्री राहत कोष शिमला ग्रामीण रोहड़ू रामपुर में हरोली विधानसभा क्षेत्रों के लोगों पर खर्च करने के लिए इस्तेमाल हुआ है! यह इलाके मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हैं और एक हरोली इलाका कांग्रेस के बड़े नेता का इलाका है तो इसका मतलब यह साफ है कि इस पैसे का दुरुपयोग किस तरह से किया गया है लेकिन अब मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राहत कोष को भरने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने निर्णय लिया है कि राहत कोष में धनराशि जमा हो सके इसलिए सरकार के सभी मंत्री मासिक वेतन से 11 लाख रूपय राहत कोष में दान करेंगे इतना ही नहीं भाजपा विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों से भी राहत कोष में योगदान देने के लिए चर्चा हुई है!

आपको हम यह बता देना चाहते हैं कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष का जो पैसा था उसका इस्तेमाल शिमला ग्रामीण रोहड़ू रामपुर में हरोली विधानसभा क्षेत्रों पर ही खर्च किया है इन चारों विधानसभा क्षेत्रों के लोगों में दोनों हाथों से पैसा बांटा गया है जो कि बहुत ही चिंता की बात है यानी यह साफ दिख रहा है किस तरह से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने और हरोली के बड़े कांग्रेसी नेता ने पैसे का दुरुपयोग इस तरह से किया है सत्ता संभालने के दो-तीन दिन के भीतर ही गंभीर रुप से पीड़ित व्यक्ति ने इलाज के लिए गुहार लगाई थी तो उस व्यक्ति को 3 लाख रूपय दिए जाने थे मुख्यमंत्री के पास जब मामला पहुंचा तो पता चला कि मुख्यमंत्री राहत कोष कांग्रेस सरकार जाते-जाते पूरी तरह से कंगाल कर के ही गई है!