शोध ने भी माना कि स्लो प्वाइजन हैं ये 10 खाद्य पदार्थ… इसलिए कम खाएं या बिल्कुल छोड़ दें

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आज कल लोग सिर्फ फास्ट फूड को प्वाइजन मानते हैं. लेकिन ये बहुत कम ही लोग जानते हैं कि हम रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसी बहुत सी चीजें खाते हैं, जो हमें लगती तो स्वास्थ्यप्रद हैं मगर असल में वो होते काफी खतरनाक हैं. इन्हीं में से एक चीज है शक्कर. भले ही लोग मुंह की मिठास के लिए शक्कर का इस्तेमाल बड़े चाव से करते हैं. मगर ये बहुत कम लोग ही जानते हैं कि शक्कर भी हमारे शरीर के लिए खतरनाक हो सकती है.

शोध ने किया ये दावा:

दरअसल ब्रिटेन के प्रोफेसर जॉन युडकीन ने अपने रिसर्च से इस बात को साबित किया है कि शक्कर “व्हाइट प्वाइजन” है, जो सेहत के लिए हानिकारक है. शोध के मुताबिक, इसे खाने से खून में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है, जिससे रक्त वाहिकाओं की दीवारें मोटी हो जाती हैं और दिल का दौरा पड़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है.

हालांकि शोध में सिर्फ शक्कर को ही प्वाइजन के रूप में रेखांकित नहीं किया गया है बल्कि ऐसे और भी खाद्य पदार्थ हैं, जिनका असर शरीर पर जहर की तरह होता है, भले ही उसके असर की रफ्तार धीमी होती है. तो चलिए जानते हैं उन खाद्य पदार्थों के बारे में, जो सच में हमारे शरीर के लिए किसी जहर से कम नहीं हैं.

शक्कर :

शोध में शक्कर को व्हाइट प्वाइजन माना गया है. इसे खाने से लीवर में ग्लाइकोजन की मात्रा कम होती है, जिससे मोटापा, थकान, माइग्रेन, अस्थमा और डाइबिटीज की परेशानी बढ़ सकती है और इसे ज्यादा खाने से बुढ़ापा जल्दी आता है.

अंकुरित आलू :

बहुत से लोग अंकुरित हो चुके आलू को भी खाने से गुरेज नहीं करते. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमे ग्लाइकोअल्केलाइड्स होते हैं, जिससे डायरिया हो सकता है. इतना ही नहीं, इसी तरह के आलू लगातार खाने से सिर दर्द या बेहोशी की भी संभावना होती है.

राजमा :

दिल्ली वालों का राजमा सबसे ज्यादा पसंदीदा भोजन होता है. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कच्चे राजमा में ग्लाईकोप्रोटीन लेक्टिन होता है, जिससे उल्टी या इनडाईजेशन की परेशानी के बनने की संभावना बनी रहती है. अगर इसके असर को कम करना है, तो राजमा को हमेशा अच्छी तरह उबालकर खाना चाहिए.

कोल्ड ड्रिंक :

युवा वर्ग से लेकर बुजुर्गों तक कोल्ड ड्रिंक का जबरदस्त क्रेज देखने को मिलता है. इसमें शक्कर और फॉस्फोरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसा शोध में पाया गया है कि अधिक कोल्ड ड्रिंक पीने से दिमाग डैमेज या दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा होता है. साथ ही इससे बड़ी आंत भी सड़ सकती है.

मैदा :

मैदा बहुत ज्यादा खाने की चीज नहीं है. मैदा बनाने की प्रक्रिया में फाइबर निकल जाते हैं. शोध में ऐसा पाया गया है कि अधिक मैदा खाने से पेट की समस्या बढने की संभावना होती है. मैदा में ब्लीचिंग तत्व होते हैं, जो खून को पतला करते हैं और इससे दिल की बीमारी होने खतरा हमेशा बना रहता है.

आयोडीन नमक :

शोध में यह भी पाया गया है कि इसमें सोडियम की मात्रा अधिक होती है. अधिक खाने से उच्च रक्त चाप की संभावना बढ़ जाती है. इतना ही नहीं, इसके अत्यधिक सेवन से कैंसर और आस्तियोपोरोसिस के होने की सम्भावना बढ़ती है.

जायफल:

शोध में यह भी पाया गया कि इसमे myristicin होता है. इसी के कारण बार–बार दिल की धड़कने बढती हैं. इसके सेवन से उल्टी और मुंह सूखने की परेशानी लगातार बनी रहती है. इतना ही नहीं, ज्यादा खाने से ब्रेन पॉवर कम होती है.

फास्ट फूड :

फास्ट फूड के बारे में तो किसी को बताने की जरूरत भी नहीं. ये हमारे शरीर के लिए कितना खतरनाक है, इस बात को कई शोधों ने साबित भी किया है. इसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट होता है, जिससे ब्रेन पॉवर कम होती है और मोटापा तेजी से बढ़ता है. साथ ही दिल की परेशानी का खतरा बढ़ता है.

मशरूम :

कच्चे मशरूम कभी भी नहीं खाने चाहिए. क्योंकि कच्चे मशरूम में कार्सिनोजेनिक कंपाउंड होते है. इससे कैंसर की संभावना बढ़ती है. यही वजह है कि कहा जाता है कि मशरूम को अच्छी तरह उबालने के बाद ही प्रयोग मे लेना चाहिए.