साहेब! मैं एक वैश्या हूं और विश्वास कीजिए मैं अभी तक कुंवारी हूं,जब एक वैश्या ने कही ये बात

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नई दिल्ली : हमारे समाज में लोग चोरी करने और कई तरीके के काम करने वालों को एक बार अपना लेता है लेकिन जो महिला वेश्या वृति में चली जाती है उसे समाज अपनाने को तैयार नहीं होता है,  इस कार्य को समाज सबसे निम्न दर्जे का कार्य मनाता है. जो भी लडकिया या महिलाये मज़बूरी वश इस धंधे में आ जाती है उनका इस क्षेत्र से बाहर निकलना बड़ा मुश्किल हो जाता है. इस पेशे को इस पेशे में काम करने वाली लडकियों को समाज गली देता है लेकिन शयद वो ये भूल जाते है की उन्ही के वजह से ये धंधा फल फूल रहा है, अपनी हवस मिटाने के लिए यही लोग उन लड़कियों के पास जाते है.

समाज में रह रहा प्रत्येक व्यक्ति मजबूरी में या स्वेच्छा से पैसों के कमाने के लिए , अपना हुनर, अपनी सेवाएं, यहां तक कि अपना ईमान  भी बेच देते हैं. तो समाज केवल वेश्याओं को ही केवल बुरी नज़र से क्यों देखता है. एक बार अगर कोई औरत इस दलदल में फंस गई तो इसका यहां से बाहर निकल पाना मुश्किल होता है  यहां काम करने वाली वेश्याएं अपने बच्‍चों को भी अपने साथ रखतीं हैं. इन महिलाओं के अपने  बच्चो के ही  सामने खुलेआम अपने जिस्‍म का सौदा करना कितना कठिन होता होगा. ऐसा सोचकर ही रुह कांप जाती है.

सीमा होस्टल में रहकर पढाई कर रही है सीमा के पिता नहीं है सीमा के माँ ने सीमा को हमेशा होस्टल में ही रखा है और छुट्टियों  में उसे पहांड़ी इलाको में घुमाने ले गयी है सीमा कभी अपने घर नहीं गयी है सीमा ने एक लड़के को बहुत प्यार करती है. सीमा की अब जॉब लग गयी है और वो 70 हज़ार रूपये महीने कम रही है  और सीमा ने इस बार मा से वादा लिया है की वो अपने गाँव घुमने आयेगी.

छुट्टिया होते ही सीमा अपनी मा चमेली के साथ गाँव जाती है जैसे ही चमेली गाँव पहुचती है तो ऑटो वाला पूछता है की सीमा बिटिया को भी इस धंधे में डालने लेके आई हो

चमेली बोली- फ़ालतू की बकवास मत करो अपने काम से काम रखा.  चमेली सामान लेने के लिए दुकान पर गयी .सामान देते समय दुकानदार बोला ! चेमली बिटिया को यहां क्यूँ लाई हो, इसे तो अपने धंधे से दूर ही रखना. इस एरिये में भेडिये रहते है,

घर आकर सीमा माँ “चमेली” से बोली- माँ मैंने जो सुना है क्या वो सही है ?  चमेली ने सीमा को गले लगते हुए कहा की वो एक वेश्या है  बेटी मेरा भी घर था तेरे पापा तेरी दादी दादा के साथ हरिद्वार गंगा मैया के दर्शन को गए थे एक रोड एक्सीडेंट में सबकी मृत्यु हो गई थी, तब तू मेरे पेट में थी, इसलिए तेरे पापा मुझे अपने साथ  नहीं ले गए थे. काश मैं भी चली जाती उनके साथ, तो आज इतने दुःख ना  झेलने पढते.

तेरे चाचा ने घर  बाहर निकल दिया फिर नेरा कोई ठिकाना नहीं था. इसलिए मज़बूरी में  ये सब करना पड़ा , सीमा माँ को गले लगा कर रोते हुए बोली  माँ तुम तो महान हो, तुमने मेरे कैरियर वो उडान दी है, जिसकी उम्मीद उन हालातों में कभी कोई कर नहीं सकता, तुमने मेरे लिए कितने दुःख झेले हैं, मुझे इस दलदल से दूर रखा, मेरी जिन्दगी बना दी और खुद इस आग में जलतीं रही. अब आपकी बेटी सक्षम हो गई है अपनी माँ का ख्याल रखने के लिए.

सीमा जिस लड़के से प्यार करती थी उसका नाम विजय था. अब दोनों की शादी की बात चने वाली थी लेकिन विजय के बाप ने जैसे ही चमेली को देखा उसने कहा की वो विजय की शादी सीमा से नहीं कर सकता क्योंकि उसकी मा एक वेश्या है .

चमेली की सहन शक्ति समाप्त हो चुकी थी वो बिफर कर बोली,  “वैश्या शब्द तो फिर भी अच्छा है तुम अपने घिनौने मुंह से इस नाम को अपवित्र ना करो. वैश्या शब्द इस समाज के लिए और तुम्हारे लिए एक गाली अवश्य होगा, लेकिन ये हमारे लिए समय की एक कैद थी, एक अवस्था थी.

 

अब सब चले गए थे माँ बेटी घर पर बैठ कर  चाय पी रहे थे सीमा फ़ोन पर नज़र रख कर बैठी थी उसे भरोसा था की विजय उससे सच्चा प्यार करता है थोड़ी देर बाद फ़ोन की घंटी बजी फ़ोन विजय का था विजय ने फ़ोन पर कहा की सीमा तुम्हारा खानदानी पेशा मुझे पता चल गया है. तुम एक वेश्या हो मई तुमसे शादी नहीं कर सकता हूँ..

सीमा धीरे धीरे बुदबुदा रही थी अगर तुम कहते हो तो, “हाँ मैं एक वैश्या हूँ, “हाँ मेरी मां वैश्या थी, हाँ मैं वैश्या की बेटी हूँ, लेकिन मैं एक देवी की तरह पवित्र हूं, विश्वास कीजिए मैं अभी तक कुंवारी हूँ. चमेली दौड़ कर आई अपनी बेटी की हालत देखकर वो बेहोश हो गई. अब आप को ये कहानी पढ़कर तय करना होगा की एक वेश्या गलत है या फिर उसे गलत नज़रो से देखने वाला ये समाज.