अभी अभी: भारत के इस हिस्से में आया 6.9 तीव्रता का भूकंप, झटके से हिल गई धरती और…

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भारत चीन सीमा पर महसूस हुए भूकंप के झटके

प्रकृति की सबसे खतरनाक चीजों में से भूकंप भी एक हैं. यह जब आता हैं तो अपने साथ तबाही के झटके लाता हैं. भूकंप के रूप में प्रकृति का ये प्रकोप आज (शनिवार) सुबह करीब 4 बजे अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत चीन बॉर्डर पर भी देखने को मिला. जानकारी के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के पास भारत-चीन सीमा पर भूकंप के झटके महसूस किए गए.

6.9 तीव्रता का था भूकंप

यूएस जियोलॉजीकल  के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.4 मैग्नीट्यूड मापी गई. वहीँ चीनी मीडिया के अनुसार यह तीव्रता 6.9 बताई गई. खबरों के अनुसार सुबह 4.40 पर आए इस भूकंप का केंद्र भारतीय नगर पासीघाट और तेजू से करीब 240 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं. इस भूकंप के बाद सुबह करीब 8:30 को आफ्टरशॉक्स  वाले झटके भी महसूस किए गए. इस दौरान इन झटको की तीव्रता 5 मापी गई.

नहीं हुआ कोई जाल्माल का नुकसान

शुरूआती खबर के अनुसार अभी तक इन भूकंप के झटको से किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली हैं. फिलहाल दोनों देश (भारत – चीन) इस भूकंप को लेकर जांच पड़ताल कर रहे हैं.

हाल ही में ईराक इरान में भी आया था भूकंप 

गौरतल हैं कि 1 सप्ताह पहले ईराक – इरान में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी. इस भूकंप की तीव्रता 7.3 थी जिसके चलते दोनों देशो में करीब 500 से ज्यादा लोगो की मौत हो गई थी वहीँ कई हजार घायल हुए थे.

दक्षिण कोरिया में भी आ चूका हैं भूकंप

हाल ही में 15 नवम्बर को दक्षिण कोरिया के दक्षिण पूर्वी शहर पोहांग में भी भूकंप आ चूका हैं. इस भूकंप की तीव्रता 5.4 आंकी गई थी. इस भूकंप के दौरान 50 से अधिक लोग मौत के घाट उतरे थे जबकि 1500 से अधिक लोग भूकंप के डर से घर के बाहर रहने लगे थे. ऐसा कहा जाता हैं कि ये इस देश का दिसरा सबसे ताकतवर भूकंप था. इस भूकंप का केंद्र जमीन से 9 किलोमीटर की गहराई पर था.

इस वजह से आता हैं भूकंप

अब आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि आखिर जमीन के नीचे ऐसा क्या होता हैं जो हमें भूकंप के इतने झटके महसूस होते हैं और कई बार तो भारी तबाही भी मच जाती हैं. भूकंप की वजह को समझने से पहले आपको पृथ्वी की संरचना को समझना होगा. पूरी धरती 12  टैक्टोनिक प्लेटों पर मौजूद होती हैं. इन प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ जिसे हम लावा के नाम से जानते हैं स्थित होता हैं. ये प्लेटे इस लावा पर लगातार तैरती रहती हैं. कई बार इस लावा में हलचल की वजह से ये प्लेटे आपस में टकरा जाती हैं जिसकी वजह से अधिक मात्रा में उर्जा निकलती हैं जो हमें भूकंप के झटको के रूप में महसूस होती हैं.