पत्नी के गहने बेचकर शुरू की थी जस्ट डायल, अब गूगल की है नजर

Business

नई दिल्ली. कहा जाता है कि अगर कुछ करने की लगन और जज्बा हो तो किस्मत पलटते देर नहीं लगती। आज हम ऐसे शख्स के बारे में बात कर रहे हैं, जिसने अपनी पत्नी के गहने बेचकर बिजनेस शुरू किया था। आज उसे 4000 करोड़ रुपए के मार्केट कैप की कंपनी बना दिया है।

1996 में मुंबई के एक गैरेज से जस्ट डायल की शुरुआत हुई थी। कंपनी शुरू करने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी के गहने बेचकर 50 हजार रुपए जुटाए। इससे उन्होंने किराए पर फर्नीचर, कम्प्यूटर खरीदे और 6 कमर्चारियों से कंपनी का काम शुरू किया। आज उनकी कंपनी का मार्केट कैप 4000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

मणि का ज्यादातर बचपन कोलकाता में बीता। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉमर्स की डिग्री लेने के बारे में सोचा, मगर आर्थिक तंगी के कारण बीच में ही पढ़ाई-लिखाई छोड़नी पड़ी। अपने परिवार को सपोर्ट करने के लिए उन्होंने सेल्समैन की जॉब की। यहां से बिजनेस प्लानिंग की जानकारी जुटाई।

जस्ट डायल का आइडिया 22 साल की उम्र से ही उनके जेहन में था, जब वे यूनाइटेड डाटाबेस इंडिया कंपनी के येलो पेजेस के लिए काम करते थे। इसी के चलते वे 1989 में आस्क मी नाम से एक कंपनी शुरू की, लेकिन तब चूंकि कनेक्शन ज्यादा नहीं थे, इसलिए बात नहीं बन सकी। मणि ने अपने ट्रेडिशनल नजरिए का इस्तेमाल जस्टडायल में किया। उन्होंने इंटरनेट पर कम से कम निर्भर करने का प्लान बनाया। इसीलिए जब 2000 में डॉटकॉम बस्ट हुआ तो कई इंटरनेट बेस्ड कंपनियों को नुकसान हुआ। मगर जस्टडायल पर कोई असर नहीं आया। 2007 में जस्टडायलका वेब-बेस्ड वर्जन लॉन्च हुआ था।

 

साल 2013 में लोकल सर्च सर्विस जस्ट डायल का आईपीओ आया था। इस आईपीओ इन्वेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था और आईपीओ 11.63 गुना ओवर सब्सक्राइब हुआ था। लिस्टिंग के 6 महीने के अंदर ही जस्ट डायल का स्टॉक 172 फीसदी तक बढ़ा और 5 अगस्त 2014 को स्टॉक ऑलटाइम हाई 1894.70 रुपए पर पहुंचा, जो अब तक का उच्चतम स्तर है।