आपके पति आपसे जॉब छोड़ने को कहें, क्या करेंगी?, पढ़ें लड़की का जवाब

Uncategorized

इलाहाबाद. यूपी लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित PCS(J) 2016 का रिजल्ट 13 अक्टूबर को हुआ था। गोविंदपुर, इलाहाबाद की रहने वाली आकृति गौतम ने 54वीं रैंक हासिल की है। सिविल जज की परीक्षा उन्होंने फर्स्ट अटेंप्ट में क्लियर की है।

सवाल- मान लीजिए, आपके पति की भी सरकारी जॉब है, लेकिन आपसे बहुत दूर पोस्टेड हैं। वो आपसे नौकरी छोड़ने को कहें, क्या करेंगी?

जवाब- मेरे लिए परिवार के लोग भी इंपॉर्टेंट हैं। मैं उन्हें साथ लेकर चलना चाहती हूं। अगर मेरे हस्बैंड ऐसा कहते हैं तो मैं उन्हें समझाऊंगी। हो सकता है, वो पहली बार में ना मानें। लेकिन मैं कोशि‍श करती रहूंगी। मुझे विश्वास है कि वो जरूर समझेंगे।

अलग-अलग जगहों पर हुई पढ़ाई, बीएएलएलबी में रहीं टॉपर

– आकृति के पिता बीके गौतम पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत करते थे, बाद में झारखंड में अपर जिला जज के रूप में नियुक्त हुए। उसकी वजह से आकृति की पढ़ाई अलग-अलग जगहों पर हुई।

– क्लास सेवेंथ तक की पढ़ाई गर्ल्स हाईस्कूल और कॉलेज इलाहाबाद से की है। फिर क्लास 8th से 10th की पढ़ाई सेंट मेरिज इंग्लिश हाई स्कूल जमशेदपुर झारखंड से हुई है।

– पटना बिहार के चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल गया। फिर यहां से 5 इयर्स इंटीग्रेटेड बीएएलएलबी ऑनर्स कोर्स 2010 से 2015 तक किया। जिसमें आकृति ने टॉप किया।

– 2015 में आकृति ने नेशनल स्कूल ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी बेंगलुरु कर्नाटका के LL.M में एडमिशन हुआ। 2015-16 में कोर्स के लिए आकृति को अगस्त में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से 3 गोल्ड मेडल भी मिले।

अनमैरिड आकृति मां-बाप की हैं इकलौती संतान

– आकृति ने बताया, ”मेरे परिवार में 3 सदस्य हैं, मैं, मां रीता गौतम, जो हाउसवाइफ हैं और मेरे पिता बीके गौतम जो झारखंड स्टेट में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज फैमिली कोर्ट कोडरमा है। मैं अपने माता-पिता की इकलौती संतान हूं। अभी शादी नहीं की, क्योंकि कैरियर सबसे जरूरी होता है।”

– ”मैंने अपने पिताजी को बचपन से ही अधिवक्ता एवं न्यायिक पदाधिकारी के रूप में देखते आ रहे हैं। इस नौकरी का अनुशासन-कार्य पद्धति की जानकारी होने के कारण न्यायपालिका से जुड़ने की इच्छा हुई, इसलिए मैंने न्यायिक सेवा को चुना।”