आशीष नेहरा की जगह टीम में शामिल हुए मोहम्मद सिराज ने राष्ट्रगान सुनते ही किया कुछ ऐसा कि सभी देखते रह गए

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जहाँ एक तरफ भारत को एक यादगार सफ़र सौंप कर एक दिग्गज खिलाड़ी का सफर ख़त्म होता है तो वहीँ दूसरी तरफ आँखों में हज़ार सपने लिए एक दूसरे युवा खिलाड़ी का सफ़र शुरू भी होता है. जी हाँ हम बात कर रहे हैं हर परिस्तिथि में हँसते रहने वाले आशीष नेहरा और भारतीय टीम के लिए अपने डेब्यू मैच के दौरान राष्ट्रगान सुनते ही रो पड़ने वाले मोहम्मद सिराज़ की.

मोहम्मद सिराज ने भारत के लिए किया अपना डेब्यू

जहाँ न्यूजीलैंड के खिलाफ नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में आशीष नेहरा ने अपना आखिरी मैच खेला. वहीँ टी-20 सीरीज के दूसरे मैच जो की राजकोट में खेला जाने वाला था वहां आशीष नेहरा की जगह टीम में जगह मिली हैदराबाद के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को. जानकरी के लिए बता दें कि सिराज का ये पहला अंतरराष्ट्रीय मैच था. इस मैच में उन्होंने हालांकि एक विकेट अपने नाम किया. मोहम्मद सिराज ने अपनी डेब्यू पारी में चार ओवर के स्पेल में 53 रन दिए साथ ही उन्हें इसमें एक विकेट लेने भी सफलता मिली. ये विकट कीवी टीम के कप्तान केन विलियमसन का था.

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राष्ट्रगान सुनकर हो गए थे भावुक

यकीनन जो सपना लेकर ना जाने कितना युवा जी रहे हैं उस सपने को खुली आँखों से पूरा होता देखना किसी भी शख्स के लिए यादगार पल होता होगा. ऐसे में मैच से पहले सिराज को टीम में शामिल करते हुए टीम के कोच रवि शास्त्री ने उन्हें डेब्यू कैप सौंपी. जिसके बाद सिराज टीम के सभी खिलाड़ियों से बारी-बारी से गले मिले. इसके बाद दोनों टीमें नेशनल एंथम के लिए मैदान पर पहुंचीं जहाँ पहले न्यूजीलैंड का नेशनल एंथम हुआ और उसके बाद भारत का राष्ट्रगान शुरू हुआ. राष्ट्रगान पूरा होने के बाद अपना पहला मैच खेलने जा रहे मोहम्मद सिराज इस कदर भावुक हो गए की आंखों से आंसू बह निकले. शायद ये पल ऐसा ही होता होगा. एक तरफ भारत के लिए खेलने का गौरव दूसरी तरफ भारतीय राष्ट्रगान.

ऑटो-ड्राईवर हैं सिराज के पिता

कहते हैं ना संघर्ष का फल मिलता है तो उसकी ख़ुशी दुनिया से अलग होती है ऐसा ही कुछ है मोहम्मद सिराज की कहानी में भी. जी हाँ सिराज के पिता खुद एक ऑटो-ड्राईवर हैं. अपनी एक बात बताते हुए सिराज ने कहा था कि, “जिस दिन मुझे आईपीएल का कॉन्ट्रैक्ट मिला था उस दिन मैंने अपने पापा से कहा था कि अब उन्हें काम करने की जरूरत नहीं है.” उन्हें यकीन था कि अब वो खुद अपने परिवार का खर्चा उठा सकते हैं ऐसे में सिराज ने अपने पिता से साफ़ कह दिया था कि, “आप अभी आराम करो” सिराज ने आगे बताया कि, “मैं अपने परिवार को नए घर में भी ले आया हूं.”