दिल्ली पटाखे बैन के बाद हिंदुओं के खिलाफ एक और हाहाकारी फैसला, पीएम मोदी के भी उड़े होश

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इसी वर्ष जल्लिलकटुट पर सुप्रीमकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुये कहा था कि इसमें बैल की जान को खतरा हो सकता है इस पर जीवों से प्यार करने वाली सभी संस्थायें खड़ी हो गई थी और तो और कल दिल्ली एनसीआर में सुप्रीम्वने पटाखे बेचने पर रोक लगा दी और कहा कि दिल्ली में काफी ज्यादा प्रदूषण होता है ये सब छोडो अब तो आप छठ पूजा भी नहीं कर सकते है क्यों कि इससे भी पर्यावरण प्रदूषित होगा |

सिलीगुड़ी में डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट ने फैसला सुना दिया है कि महानंदा नदी पर आप छठ पूजा नहीं कर सकते क्यों कि आप लोग नदी के पानी को प्रदूषित करते हो और नदी के पानी को गन्दा कर देते हो नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल पहले भी यमुना नदी के किनारे होने वाले सांस्कृतिक प्रोग्राम कराने के लिये श्री श्री रविशंकर पर करोडों रुपय का मुक़दमा ठोक चुकी है इससे साफ़ साफ़ पता लगता है कि कोई हिन्दुओं के त्यौहारों को रोकने के लिये साजिश रची जा रही है केंद्र सरकार को इस पर जाँच करानी चाहिये जिससे राष्ट्र विरोधी लोगों को सजा मिले |

जिला प्रशासन ने कहा कि आप लोगों ने नदी पर छठ पूजा की तो आपको जेल भी हो सकती है क्यों कि हम नदी को प्रदूषण से मुक्त करना चाहते है लेकिन जब मुहर्रम के दिन ताजिया उस नदी में विसर्जन किया जाता है तो उस समय जिला प्रशासन और नेशनल ग्रीन ट्रिव्यूनल क्या सो रहे होते है क्या ताजिया नदी में बहाने से प्रदूषण नहीं होता और कहा अगर आप नहीं माने तो आपको 3 साल की सजा और 10 करोड़ ला जुर्माना भी लग सकता है |

डीएम का नाम जयशी दाश गुप्ता है और पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार सिंह भी डी एम के साथ है सिलीगुड़ी के 5 नंबर वार्ड के मां संतोषी छठ पूजा सेवा समिति के अध्यक्ष पंकज साह और वरिष्ठ समाजसेवी सह-सलाहकार समिति के प्रमुख डॉ. बीएन राय ने प्रशासन से कहा कि केले के पत्तो से नदी का पानी प्रदूषित कैसे हो जायेगा आगे इसका कोई विकल्प नहीं निकाला तो हम लोग क्या अपने घरों के सामने बैठकर छठ पूजा मनायेंगे |

नवयुवक वृंद क्लब के अध्यक्ष धनंजय गुप्ता ने कहा कि सिलीगुड़ी नगर निगम साल में 365 दिन उसी नदी में कचरा फेंक ती है और जब छठ पूजा होती है तो इस नदी की सुन्दरता दोगुनी हो जाती है और वैसे भी पूजा के बाद केले के पत्ते नदी में नहीं बहाते बल्कि एक जगह इकट्ठा करके रखते है 

इस समिती के प्रवक्ता राजेश राय ने कहा है कि हम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते है लेकिन डीएम ने और त्यौहारों को ना देखते हुये छठ पूजा पर ही क्यों रोक लगा दी और ये हिन्दुओं के लिये एक बुरी खबर है अब राष्ट्र विरोधी और वामपंथियों को होली, दिवाली, दुर्गा पूजा, छठ पूजा, कांवड़ यात्रा, गणेश विसर्जन कुछ भी पसंद नहीं है |