सुप्रीम कोर्ट पर बरसे त्रिपुरा के राज्यपाल, एक झटके में उतार दिया सर पर चढ़ा दोगलापंथी का भूत

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नई दिल्ली : दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखे बैन को लेकर त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने देश के फर्जी सेकुलरों और वामपंथियों को ऐसा करारा तमाचा लगाया है, जिसकी गूँज उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों तक सुनाई देती रहेगी. पटाखों पर बैन और इनसे नॉइज पॉल्यूशन की बात करने वालों को खर-खरी सुनाते हुए तथागत रॉय ने तड़के होने वाली अजान में लाउडस्पीकर्स के इस्तेमाल पर सेक्युलरों की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए.

 

पटाखों से नॉइज पॉल्यूशन होता है तो अजान के स्पीकर पर चुप्पी क्यों

रॉय ने ट्वीट करके कहा, ”हर साल दिवाली पर पटाखों से पॉल्यूशन (नॉइज और एयर) को लेकर जंग शुरू हो जाती है. लेकिन अजान के लिए तड़के सवेरे 4.30 बजे लाउडस्पीकर्स से चिल्लाया जाता है, तब नॉइज़ पोलुशन नहीं दिखाई देता? उनके इस बयान से ओवैसी समेत कई मुस्लिम नेता बेहद हैरान हैं. उन्होंने मजबूती से अपनी आवाज उठाते हुए कहा है कि ये कौन सा तरीका होता है कि सभी प्रदूषण को रोकने के लिए एक ही धर्म के लोगों के सर पर साड़ी जिम्मेदारियां मढ़ दें. अजान के लिए इस्तमाल होने वाले लाऊड स्पीकरों को क्यों नहीं बंद करवाया जाता?


सेक्युलर गैंग की दोगलापंथी

उन्होंने कहा कि नॉइज पॉल्यूशन पर सेक्युलर गैंग की ये खामोशी मुझे हैरान करती है. कुरान या हदीस में लाउडस्पीकर्स का कहीं जिक्र नहीं है. मुअज्जिन को मीनारों से अजान करनी चाहिए, मीनारें इसीलिए बनाई गई हैं. 
लाउडस्पीकर्स का इस्तेमाल इस्लाम के उल्ट है. कोई तब तो आवाज नहीं उठाता और हिन्दुओं को ज्ञान बांटने सभी चले आते हैं. बता दें कि वो इससे पहले भी पटाखे बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट पर भी अपना गुस्सा जाहिर कर चुके हैं.
 
उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदुओं की भावनाओं पर ठेस लगी है. उस वक़्त भी राज्यपाल ने ट्वीट करते हुए कहा था कि, ‘कभी दही हांडी बैन कर देते हैं, अब पटाखे बैन कर दिए, कल को हो सकता है प्रदूषण का हवाला देकर मोमबत्ती और अवार्ड वापसी गैंग हिंदुओ की चिता जलाने पर भी याचिका डाल दे. बता दें कि कई बड़ी-बड़ी हस्तियां इस बैन के खिलाफ हैं, इसे हिन्दुओं के खिलाफ बताया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट के बेसिर-पैर के फैसलों के खिलाफ अब आवाज बुलंद होना शुरू हो गयी है. कोर्ट में बैठे कोंग्रेसी चमचों की अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी. रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए मानवता की बात करते हुए देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली बात से ही कोंग्रेसी चमचे खुद का पर्दाफ़ाश कर चुके हैं. कोलेजियम सिस्टम को ख़त्म करने की सख्त जरुरत को लेकर अब मोदी सरकार भी गंभीर हो गयी है.