मौत के 45 मिनट बाद लौटकर आई लड़की ने बताया कैसा होता है मौत का अहसास

Hinduism, आध्यात्म

आपने मौत के बारे में कई सारी बातें सुनी होगी। कई लोगों ने मौत को हसीन बताया है तो कईयों ने दुखों का अंत लेकिन आज हम आपको इसकी सच्‍चाई बताने वालें हैं। दरअसल ये कुछ लोगों का अनुभव ही है जो हम आपसे शेयर करने जा रहे हैं। वैसे तो हर किसी का मौत से सामना होता है और हम उसे चाहें भी तो टाल नहीं सकते। कुछ लोगों के अनुभवों को जाना गया। जिसमें एक सवाल-जवाब वेबसाइट क्योरा पर किसी ने एक सवाल पोस्ट किया। जिसमें उसने पूछा कि ‘मौत का अनुभव कैसा होता है’। जिसके बाद तमाम लोगों ने अपने अनुभव गिनाए।

जिसके बाद उन सभी जवाबों की जांच भी की गई तो पता चला कि इनमें से कई लोग ऐसे हैं जो मौत के करीब जाकर वापस आ चुके हैं। कुछ लोग कई दिनों तक कोमा में रह चुके थे, तो कुछ मर कर जिंदा हो चुके हैं यानि कि उनकी सांसें टूटने के बाद जुड़ गई थी। इन्‍ही लोगों में से कुछ का कहना था कि मौत बेहद शांति देने वाली होती है इसलिए हमें मौत से नहीं डरना चाहिए। लेकिन उनमें से कुछ लोग तो कुछ का
कहना है कि उन्होंने अपनी मौत के बाद जिस दुनिया में कदम रखा, वहां उन्हें वो परिजन मिले, जो उनसे पहले ही मौत को प्राप्त हो चुके थे।वेरा मेगान नाम की लड़की ने मौत के बाद क्या महसूस किया, वो हम आपको बताने जा रहे हैं। मेगान नाम की एक यंग लड़की ने मौत के बारे में बताया कि मेरे लिए मौत आनंददायक, निर्मल, रोमांचक, शांति से भरी और आरामदायक रही मेरे पास शब्द नहीं है। लेकिन हां बस इतना कह सकती हूं कि वो लम्हे मेरे लिए सबसे शानदार थे।’
बता दें कि जब मेगान 11 साल की थी, तो कार्बन मोनोऑक्साइड के जहर से उनकी मौत हो गई थी। ये गैस पानी के हीटर से निकली थी। उस समय वो पूर्व सोवियत संघ में रहती थी। मेगान का कहना है कि जब उन्‍हें मौत का दुबारा महसूस करना होता है तो वो सो जाती हैं और खुद को भारी कपड़ों से ढ़क लेती हैं और मौत के आगोश में सो जाती हैं। ऐसा लगता है, जैसे मैं खुद को उन लम्हों के करीब पा रही होती हूं।
मेगान ने बताया कि मौत के समय मेरे दिल की धड़कने बेहद तेज हो गई थी, मानो वो रेस कर रहा है। मेरा सिर चकराने लगा था और तो और चकरघिन्नी आ रही थी। ऐसा लग रहा था मानो जैसे किसी ने मेरे सिर में बड़े छेद कर दिए हों और मैं अभी मरने जा रही हूं। उनका कहना था कि ये मरने से पहले के इंसानी शरीर का तकादा होता है जो आने वाले समय के बारे में दिमाग को बता देता है। दिमाग को पता चला जाता है कि वो भारी मुसीबत में होता है जिससे वो खुद ही खुद को बचा सकती है।
मेगान ने बताया कि जब वो मरने वाली थी उन्हें कोई भी सुन नहीं रहा था। अचानक मुझे लगा कि मैं रंगों में घिर रही हूं। अजीब से दृश्य मेरी आंखों के सामने तैरने लगे। और यहीं से मेरी मौत के बाद का सफर तय हुआ। मेगान अपने शरीर को छोड़ चुकी थी। वो कहती हैं कि मुझे सबसे पहले गीले बादल दिखे। कुछ ऐसा दिखा, जैसे हम टेलीस्कोप से अंतरिक्ष को निहार रहे हों। कई तरह के रंग एक से दूसरे में समाते जा रहे थे। कोई शोर नहीं था। कोई आवाज नहीं थी। ये सब मेरे आसपास हो रहा था और मैं इसे सिर्फ महसूस कर पा रही थी। ये सब मुझे बेहद खूबसूरत लगा। ऐसे लगा, जैसे किसी ने मुझे ऊपर खींच लिया हो।
उन्‍होंने बताया कि उनका पूरा शरीर एकदम फेफड़े के जैसे हो गया और फिर अचानक पूरा शरीर गायब हो गया। तभी मुझे महसूस हुआ कि मैं अंतरिक्ष में हूं। अचानक रोशनी दिखने लगी। मुझे किसी तरह का आभास हो रहा था, कि मुझे कोई खींच रहा है। मैं खुद को देखने की कोशिश कर रही थी, पर मैं वहां थी ही नहीं। वो पहला लम्हा था, जब मैं चौंकी थी।वहां और भी थे, जिन्हें मैं देख नहीं पा रही थी। पर वो थे, क्योंकि वो मुझसे बात कर सकते थे। वहां मेरा स्वागत किया जा रहा था। और तभी सबकुछ रुक गया।
मानों सबकुछ एक दूसरे में समा गया हो। सबकुछ शून्यता से भर उठा। इसकी मौत हुए करीब 15 से 45 मिनट बीत चुके हैं पर मेरे पिता नहीं मानें। वो डॉक्टरों के सामने गिड़गिड़ाए। मेरे पिता बोले, ‘प्लीज, मेरी बच्ची को बचा लीजिए। मेरी बच्ची को वापस लाइए’ और तभी मेरी सांसे चलने लगी। इस 15 से 45 मिनट के बीच का सफर मैं आप सबके साथ साझा कर चुकी हूं। वो मेरे लिए अनमोल लम्हे थे, जिन्हें सिर्फ मैंने महसूस किया।’
Source:namanbharat.net