क्या वजह थी जिसके चलते ट्रैफिक हवलदार ने रोक दी मोदी की कार

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आम आदमी हो चाहे ख़ास सबके लिए नियम व कानून एक ही होते हैं. ख़ास लोगों को भले ही अच्छी सुरक्षा दी जाती है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि वो नियमों का उलंघन करें. इस तरह सड़क पे खड़े ट्रैफिक हवलदारों को हमेशा लोगों की सुरक्षा करने के लिए काफी ध्यान देना पड़ता हैं. वीआईपी लोगों के लिए हमेशा अलग सुरक्षा देनी पड़ती हैं तो आम लोगों के लिए अलग सुरक्षा.

आमतौर पर ट्रैफिक पुलिस बड़े लोगों की कार को रोकती नहीं है. लेकिन एक बार ट्रैफिक पुलिस ने नरेंद्र मोदी की कार को रोका था. ड्राइवर के ये बताने के बावजूद कि अन्दर भाजपा प्रभारी बैठे हैं ट्रैफिक हवालदार ने एक नहीं सुनी और नरेन्द्र मोदी कि कार को आगे नहीं बढ़ने दिया.

जानिये आखिर क्या था मोदी की कार को रोकने का कारण…

ये बात कई साल पहले की है जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. 1998 में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने थे. उस समय मोदी भाजपा प्रभारी के पद पर थे. अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे. तत्कालीन पीएम वाजपेयी मध्यप्रदेश में सभा करने आए थे. मोदी भी इसी सभा के लिए वहां पहुंचे थे.

रास्ते में हमीदिया अस्पताल के पास अचानक ट्रैफिक हवलदार ने मोदी की कार रोक दी. पता चला कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का काफिला निकल रहा है इसलिए ट्रैफिक रोका है. क्यूंकि मोदी भी कम कद्दावर नेता नहीं थे इसलिए उनके ड्राइवर ने हवलदार से कहा, ‘कार में भाजपा प्रभारी नरेंद्र मोदी बैठे हैं.’ लेकिन हवलदार टस से मस नहीं हुआ और उसने कार को नहीं जाने दिया.

काफिला गुजरने के बाद जब ट्रैफिक खुला तो मोदी ने कार में से ही हवलदार को सही ड्यूटी के लिए शाबाशी दी और मुस्कराकर उसका हौसला बढ़ाया.