दलित आन्दोलन में जिहादी शामिल : महिलाओं से लूटपाट, गोलीबारी, पुरे देश में फैलाया जबरजस्त आतंक

Featured, देश

कहने को आज दलित संगठनो का भारत बंद है, पर असल में इस आन्दोलन में जिहादी और मिशनरियां शामिल है, और दलितों के भेष में जिहादी भी दंगे करने निकले हुए है, इनके निशाने पर महिलाएं, बच्चे, मंदिर, हिन्दू देवी देवता सब है

SC/ST एक्ट के नाम पर कांग्रेस और वामपंथी दल देश भर में आज भारत बंद करवा रहे है, जगह जगह दंगे किये जा रहे है, मध्य प्रदेश में इन आन्दोलनकारियों ने गोलियां तक चलाई है, बच्चों तक को घायल किया है, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखण्ड,

बीजेपी के तमाम राज्यों में लुट, आगजनी, दंगे और हिंसा की गयी है, चुन चुन कर बीजेपी के राज्यों में हिंसा करवाई जा रही है, ये इसलिए भी ताकि पुलिस कोई कार्यवाही करे तो फिर और मुद्दा बनाया जाये की दलितों पर अत्याचार कर दिया

पर आन्दोलन के नाम पर ये लोग क्या कर रहे है, ये आप खुद देखिये, गोली बारी, पत्थरबाजी, लुट, बच्चों का सर फोड़ना, देखिये तमाम विडियो और तस्वीरें जो आज इस बंद के नाम पर किये जा रहे है

मध्य प्रदेश में ये लोग गोली चला रहे है, आप ऊपर विडियो में देख सकते है कैसे ये लोग पुलिस और अन्य लोगों पर गोलियां चला रहे है

पत्थरबाजी कर बच्चों का सर भी फोड़ दिया गया, कई लोग जख्मी कर दिए गए है, महलों का शोषण किया जा रहा है, अब देखिये किस तरह ये लोग दंगे कर रहे है, पुलिस के अलावा आम लोगों को पत्थरों से मार रहे है, महिलाओं और बच्चों को शिकार बना रहे है

इसके अलावा ये देखिये ये लोग हनुमान जी की मूर्ति पर थूक रहे है, ये लोग हनुमान जी की तस्वीर को जूतों से मार रहे है

आप ऊपर के विडियो में देख सकते है ये लोग हनुमान जी की तस्वीर को जूते मार रहे है, उसपर थूक कर विडियो बना रहे है

देश के अलग अलग राज्यों में और बीजेपी के तमाम राज्यों को चुन चुन कर निशाना बनाया जा रहा है, वहां हिंसा, लूटपाट, मंदिरों में हमले, हनुमान जी की मूर्ति का अपमान, बच्चों और महिलाओं पर हमला, पुलिस पर गोलिया, पुरे देश का माहौल गृह युद्ध जैसा बना देने की योजना है, और मीडिया इन दंगाइयों का समर्थन कर रहा है, इन्हें दबे कुचले दलित बता रहा है, इन्हें अत्याचार के खिलफ लड़ने वाला सेनानी बता रहा है, पत्रकार रोहित सरदाना ने भी सेक्युलर मीडिया वालों पर तीखा हमला किया है

जाट आन्दोलन के समय मीडिया ने जातों को आतंकवादी, दंगे, गुंडा बताया, गुर्जर आन्दोलन के समय भी मीडिया ने गुर्जरों को गुंडा बताया और अभी पद्मावत फिल्म के समय हुए राजपूत लोगों के आन्दोलन को भी मीडिया ने आतंकवाद दंगे गुंडई से जोड़ दिया, पर दलित आन्दोलन के नाम पर जो आतंक पुरे देश में मचाया जा रहा है, मीडिया के लिए, सेक्युलर पत्रकारों के लिए, बुद्धिजीवियों के लिए ये स्वतंत्रता संग्राम है जिसका वो समर्थन कर रहे है

पैमाने पर जिहादी और मिशनरी तत्व दंगा कर रहे है, भगवान् का अपमान, लूटपाट में इन तत्वों का सबसे बड़ा हाथ है, तमाम बुद्धिजीवी इस आतंक का समर्थन करने में लगे हुए है