कभी 3500 में चलता था 7 लोगों का खर्च, अब एक फिल्म के लाखों लेता है ये सुपर स्टारअभिनेता …

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 पिछले साल रिलीज हुई एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली 2’ ने कमाई के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। हालांकि अब ‘बाहुबली’ को टक्कर देने के लिए भोजपुरी के सुपरस्टार निरहुआ अपनी फिल्म ‘महाबली’ लेकर आ रहे हैं। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विटर पर फिल्म के पोस्टर शेयर किए हैं।

यह फिल्म भोजपुरी के साथ हिंदी, बंगाली, तमिल और तेलुगु में भी रिलीज होगी। फिल्म के हीरो निरहुआ गाजीपुर के टंडवा गांव के रहने वाले हैं। जब वे छोटे थे, तब उनके घर की माली हालत ठीक नहीं थी।

एक वक्त ऐसा भी था जब निरहुआ के पिता की मंथली इनकम महज 3500 रुपए थी और इसी में 7 लोगों का परिवार चलता था।पैसे कमाने उनके पिता अपने दोनों बेटों को लेकर कोलकाता चले गए। इस दौरान उन्होंने पत्नी और तीन बेटियों को गांव में ही छोड़ दिया था।कोलकाता में वे एक झोपड़पट्टी में अपने दोनों बेटों के साथ रहे। इस दौरान वे मजदूरी कर 3500 रुपए कमाते थे। निरहुआ ने यहां के मलिकपुरा कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की।

कभी 3500 में चलता था 7 लोगों का खर्च, अब एक फिल्म के लाखों लेता है ये स्टार

कभी घर में नहीं थी साइकिल अब लाखों में फीस लेते हैं निरहुआ…

निरहुआ की लाइफ स्ट्रगल वाली रही है। बताया जाता है कि कभी उनके घर में साइकिल तक नहीं थी। हालांकि अब भोजपुरी के स्टार बनने के बाद वे एक फिल्म के 40 से 50 लाख रुपए बतौर फीस लेते हैं।दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ की मां चंद्रज्योति देवी के मुताबिक “मेरे पति कुमार यादव ने दो शादियां कीं। मैं उनकी दूसरी पत्नी हूं। पहली पत्नी की मौत के बाद मुझसे शादी की थी। मेरे पति और उनकी पहली पत्नी की दो बेटियां हुईं- सुशीला और आशा। दोनों की शादी हो चुकी है। हम उनसे ज्यादा बातचीत नहीं करते।”

कभी 3500 में चलता था 7 लोगों का खर्च, अब एक फिल्म के लाखों लेता है ये स्टार

निरहुआ की मां के मुताबिक, “दिनेश को बचपन से ही गीत-संगीत का शौक था। वो कभी रियाज से नहीं चूकता था। भैंसे चराते वक्त भी उनकी पीठ पर बैठकर गाने गाता था।”मेरे पति चाहते थे कि दिनेश पढ़ लिखकर अच्छी नौकरी करे, लेकिन वो एक्टर बनना चाहता था। वो अपने रिश्ते के बड़े भाई और बिरहा सिंगर विजय लाल यादव को फॉलो करता था।”

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दिनेश ने कहा कि मेरे घर में बचपन से ही गायिकी का माहौल था। पिता जी और बड़े भाई गायक हैं। कोलकाता से बीकॉम की पढ़ाई करने के बाद मैं 2001 में गांव आया उसके बाद गाने की तैयारी करने लगा।मेरा एलबम ‘निरहुआ सटल रहे’ काफी हिट हुआ, जिसके कारण लोग मुझे जानने लगे।

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इसके बाद ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ फिल्म बनाने वाले प्रोड्यूसर सुधाकर पांडेय मेरे गांव आए थे। सुधाकर के पिता ने उन्हें एक सीडी दी और मेरे फन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आजकल इसका गाना खूब बज रहा है। इसको लेकर फिल्म बनाओ।इसके बाद सुधाकर पांडेय ने मुझसे बात की और पहली फिल्म ‘चलत मुसाफिर मोह लियो’ में काम करने का मौका मिला।इस फिल्म से मैं और चर्चा में आ गया। आगे यह सिलसिला चलता रहा। अब तक 75 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुका हूं।