स्वास्थ्य मंत्री एक्शन में उठा लिया प्रदेश हित में सबसे कड़ा कदम,दवा कंपनियों मचा हडकंप !

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काम किस तरह से किया जाता है ये अब दिख रहा है बीजेपी के सत्ता में आने के बाद.हिमाचल की दवा कंपनियों के सैंपल फेल होने पर स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और इन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने को कहा है।बिना किसी से डरे मंत्री ने एकदम से फैसला लेने की हिम्मत दिखाई जिससे दवा कम्पनियां सदमें में है !

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी  भी स्तर पर कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोषी कंपनियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।

परमार ने कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर विभिन्न दवाईयों की गुणवत्ता जांचने के लिये सैपलिंग करवाती है और इसके दृष्टिगत पिछले कुछ महीनों के दौरान राज्य में कुल 1065 दवाओं के नमूने लिए गए जिनमें से 33 फेल हुए हैं। मंत्री ने दवाओं के सैंपल फेल होने पर चिंता जाहिर करते हुए ऐसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही है.

राज्य की कुछ दवा कंपनियां जिनमें मैडिपोल, अल्ट्रा, एफाईन, अल्ट्राटैक, पार्क स्पैन, एडमिन व एच.एल. हैल्थ केयर शामिल हैं, उनकी कुछ दवाइयों के सैंपल फेल हुए हैं और इन कंपनियों को सख्त नोटिस जारी किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसी दवा कंपनियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और कोई भी कंपनी यदि नियमों का उल्लंघन करती है अथवा अवमानक दवाई का निर्माण करती है तो ऐसी कंपनी का लाइसैंस तक रद्द किया जा सकता है।